गोंदिया, महाराष्ट्र। नशामुक्त गोंदिया, खुशहाल गोंदिया के लक्ष्य को लेकर भगवती मानव कल्याण संगठन के द्वारा दिनांक 15 दिसम्बर को गोंदिया में नशामुक्त जनजागरण पदयात्रा निकाली गई। पदयात्रा का नेतृत्व भगवती मानव कल्याण संगठन की केन्द्रीय अध्यक्ष शक्तिस्वरूपा बहन सिद्धाश्रमरत्न पूजा शुक्ला जी और केन्द्रीय महासचिव अजय अवस्थी जी ने किया।
नशामुक्त जनजागरण पदयात्रा गोंदिया शहर के मरार टोली, टी पॉइंट, रेल्वे क्रासिंग, अवंती चौक, गायत्री मंदिर कुडवा, पाल चौक अण्डर ग्राउण्ड, यादव चौक, सिंधी कॉलोनी, भवानी चौक, चांदनी चौक, दुर्गा चौक, गोरेलाल चौक, गांधी प्रतिमा, जयस्तंभ चौक, अंबेडकर चौक, नेहरू चौक, हनुमान चौक, सीव्ही लाइन, इंगले चौक, मामा चौक मार्ग होते हुए नारायण चौक पहुंचकर आमसभा के रूप में परिवर्तित होगई।
शक्तिस्वरूपा बहन पूजा शुक्ला जी ने नशामुक्ति अभियान के धर्मयोद्धाओं और गोंदिया शहर के जनमानस को सम्बोधित करते हुए कहा कि ‘‘ परम पूज्य सद्गुरुदेव श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के निर्देशन और माता भगवती आदिशक्ति जगत् जननी जगदम्बा की कृपा से इससे पहले भगवती मानव कल्याण संगठन के द्वारा मध्यप्रदेश के कई ज़िलों में नशामुक्त जनजागरण पदयात्रा निकाली गई। इसका प्रभाव यह हुआ कि कई-कई गांव नशामुक्त हो चुके हैं। हमने प्रथम पदयात्रा मध्यप्रदेश के जबलपुर में निकाली। परिणामस्वरूप प्रदेश शासन को बाध्य होकर धार्मिकस्थलों को नशामुक्त क्षेत्र घोषित करना पड़ा।
निश्चित रूप से गोंदिया ज़िले में भी इसका प्रभाव होगा, गांव के गांव नशामुक्त होंगे और यह ज़िला भी नशामुक्त होगा। महाराष्ट्र सरकार से हमारी माँग है, इतनी बड़ी संख्या में उपस्थित गोंदियावासियों की मांग है कि गोदिया ज़िले को नशामुक्त ज़िला घोषित किया जाए। ’’

“गांवों में कल्हारी की ज़रूरत नहीं, बल्कि शुद्ध पेयजल की ज़रूरत है ” : अजय अवस्थी
सिद्धाश्रमरत्न अजय अवस्थी जी ने आमसभा में उपस्थित जनसमुदाय को सम्बोधित करते हुए कहा कि ‘‘गोंदिया शहर में हुई यह नशामुक्त जनजागरण पदयात्रा अद्भुत रही, जिसमें नगर के हज़ारों-हज़ार लोगों ने शामिल होकर नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। मैं महाराष्ट्र सरकार से यह कहना चाहंूगा कि गांवों में कल्हारी की ज़रूरत नहीं, बल्कि शुद्ध पेयजल की ज़रूरत है और यहाँ के जनमानस की आवाज़ को सुना जाए। यहाँ के लोग रोड शो के माध्यम से, पदयात्रा के माध्यम से बता रहे हैं कि नशामुक्त होना ज़रूरी है। यदि गोंदिया ज़िले को नशामुक्त ज़िला घोषित कर दिया जाए, तो गोंदिया ज़िलावासियों के लिए आने वाला समय बहुत अच्छा होगा। अगर सरकार ने इनकी आवाज़ को अनसुना किया, तो संगठन के साधक गोंदिया को नशामुक्त घोषित करने के लिए बाध्य कर देंगे।’’




























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