संकल्प शक्ति, लखनऊ। समूचा उत्तरप्रदेश नशे की चपेट में है, जिसके चलते चारों ओर अराजकता का आलम है, महिलाओं, बहन-बेटियों की इज्जत ख़तरे में है, ऐसी विषम परिस्थिति में भी उत्तरप्रदेश सरकार के कैबिनेट द्वारा होम बार लायसेंस दिए जाने के जनविरोधी निर्णय की निन्दा करते हुए सम्पूर्ण उत्तरप्रदेश में शराबबन्दी की मांग धार्मिक एवं समाजिक संस्था भगवती मानव कल्याण संगठन एवं जनकल्याण के प्रति समर्पित भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के द्वारा मुख्यमंत्री से की गई है।
भगवती मानव कल्याण संगठन एवं भारतीय शक्ति चेतना पार्टी की शाखा-उत्तरप्रदेश की उपशाखाओं- वाराणसी, अम्बेडकर नगर, सुल्तानपुर और फतेहपुर के कार्यकर्ताओं ने क्रमश:- दिनांक 23 मई, 25 मई, 30 मई और 31 मई को मुख्यमंत्री के नाम जि़ला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर माँग की है कि होम बार खोले जाने के निर्णय को वापस लेते हुए सम्पूर्ण उत्तरप्रदेश को नशामुक्त, शराबमुक्त बनाया जाए। इससे पहले प्रयागराज के कोरांव प्रशासन को कार्यकर्ताओं द्वारा ज्ञापन सौंपा जा चुका है।

ज्ञापन में उल्लेख है कि उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा ‘होम बार’ (उत्तरप्रदेश आबकारी संशोधन विधेयक) चलाने का जो निर्णय लिया गया है, वह आमसमाज के लिए अतिघातक है। एक तरफ महिलाओं की सुरक्षा के लिए नई-नई योजनाएं बनाई जा रही हैं, तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश सरकार नशेरूपी ज़हर के व्यवसाय को बढ़ावा देकर उनकी असुरक्षा और बरबादी का ठेका दे रही है।
अभी तक तो सरकार के द्वारा दिए गए सरकारी ठेकों पर एवं नाजायज ढंग से बिक रहे शराब को पीकर लोग नशे में उन्मत्त होकर महिलाओं का उत्पीडऩ किया जा रहा था, यह क्या वह कम था? ऊपर से अब होम बार खुलवाने का निर्णय ले लिया गया है।
उत्तरप्रदेश सरकार के दोहरे चरित्र का विरोध करते हुए ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी से मांग की गई है कि होम बार के नए आदेश को वापस लेते हुए उत्तरप्रदेश को नशामुक्त, स्वस्थ व उत्तम प्रदेश बनाने की दिशा में पहल की जाए।





























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