Homeराष्ट्रीय समाचारशराब-तंबाकू के सेवन से मुंह में कैसर का ख़तरा

शराब-तंबाकू के सेवन से मुंह में कैसर का ख़तरा

नई दिल्ली। भारत में मुंह का कैंसर गंभीर चिंता का विषय है। भारतीय वैज्ञानिकों के एक नए और व्यापक अध्ययन से यह साफ हुआ है कि खैनी, जर्दा, तंबाकू और शराब मिलकर देश में मुंह के कैंसर के 62 फीसदी मामलों के लिए ज़िम्मेदार हैं। हैरानी की बात यह है कि रोजाना महज नौ ग्राम शराब, यानी एक स्टैंडर्ड ड्रिंक भी इस जानलेवा बीमारी का ख़तरा 50 फीसदी तक बढ़ा सकती है। शराब और तंबाकू का संयुक्त सेवन इस जोखिम को चार गुना तक बढ़ा देता है।

अध्ययन के अनुसार, भारत में मुंह का कैंसर दूसरा सबसे आम कैंसर है। हर साल इसके करीब 1.44 लाख नए मामले सामने आते हैं और लगभग 80 हज़ार लोगों की मौत इस बीमारी के कारण होजाती है। यह कैंसर मुख्य रूप से गाल और होंठों की अंदरूनी नरम परत, जिसे बक्कल म्यूकोसा कहा जाता है, को प्रभावित करता है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इससे पीड़ित लोगों में से केवल करीब 43 फीसदी ही पाँच साल तक जीवित रह पाते हैं।

शोधकतार्ओं के मुताबिक भारतीय पुरुषों में इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, और इसकी दर अब लगभग 15 प्रति एक लाख तक पहुंच चुकी है। महाराष्ट्र स्थित सेंटर फॉर कैंसर एपिडेमियोलॉजी और होमी भाभा नेशनल इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए इस अध्ययन में पाया गया कि शराब की कोई भी मात्रा सुरक्षित नहीं है। रोजाना सिर्फ नौ ग्राम शराब जो एक सामान्य पैग के बराबर है, मुंह के कैंसर के खतरे को 50 फीसदी तक बढ़ा देती है। यहां तक कि दो ग्राम से भी कम बीयर रोज पीने पर जोखिम बढ़ता हुआ पाया गया। 

संबंधित खबरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

आगामी कार्यक्रमspot_img

Popular News