भोपाल। एम्स में मरीजों को अब शुल्क जमा कराने के लिए बिलिंग काउंटर की लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। एम्स प्रबंधन ने एक डिजिटल नवाचार की घोषणा की है, जिसके तहत इस महीने के अंत तक स्मार्ट कार्ड आधारित भुगतान सुविधा शुरू कर दी जाएगी। यह क़दम मरीजों और उनके परिजनों को हो रही दिक्कतों से बड़ी राहत देगा।
वर्तमान में मरीजों को जांच, टेस्ट या अन्य सेवाओं का भुगतान करने के लिए बार-बार बिलिंग काउंटर तक जाना पड़ता है। एम्स प्रशासन के अनुसार, नई व्यवस्था लागू होने पर पेमेंट सिस्टम पूरी तरह डिसेंट्रलाइज्ड हो जाएगा। अस्पताल के प्रत्येक विभाग में स्कैनर लगाए जाएंगे, जहां मरीज तुरंत कार्ड स्कैन कर भुगतान कर सकेंगे। इससे मरीजों को अस्पताल के बड़े परिसर में बार-बार चक्कर काटने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी, जिससे उनके समय और ऊर्जा दोनों की बचत होगी।
एसबीआई संभाल रहा है ज़िम्मेदारी
इस अत्याधुनिक स्मार्ट कार्ड प्रणाली को लागू करने की ज़िम्मेदारी स्टेट बैंक आॅफ इंडिया को सौंपी गई है। एसबीआई की टीम वर्तमान में कार्ड निर्माण और स्कैनर सेटअप का अंतिम ट्रायल करने की तैयारी में है। सफल परीक्षण के बाद यह सुविधा मरीजों के लिए शुरू कर दी जाएगी।
इस स्मार्ट कार्ड में मरीज से जुड़ी पूरी मेडिकल जानकारी सुरक्षित रहेगी। किसी भी यूनिट में कार्ड स्कैन करते ही उसका विवरण कंप्यूटर पर खुल जाएगा। उपचार के दौरान मरीज कार्ड के माध्यम से तुरंत भुगतान कर सकेगा, जिससे नकद लेनदेन की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी और पूरा प्रोसेस तेज हो जाएगा।



























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