आयुर्वेद में ऐसी कई औषधियों के बारे में बताया गया है, जो हमारे शरीर की अनेक बीमारियों को दूर करने में सहायक होती है। इन औषधियों में सप्तपर्णी को भी शामिल किया जाता है। सप्तपर्णी एक पेड़ होता है, जिसकी छाल और पत्तियों के इस्तेमाल से रोगों को दूर करने का प्रयास किया जाता है। आयुर्वेदाचार्यों की मानें तो सप्तपर्णी मेलरिया और बुखार को दूर करने में भी फायदेमंद होता है। इसके इस्तेमाल से बुखार के लक्षणों के कम किया जा सकता है।
मलेरिया को ठीक करे
सप्तपर्णी वृक्ष को मलेरियारोधी गुणों के लिए जाना जाता है। इस पेड़ की छाल में एल्कलॉइड्स होते हैं, जो एंटीप्लाज्मोडियल की तरह कार्य करते हैं। यह मलेरिया का कारण माने जाने वाले प्लास्मोडियल को रोकने में सहायक होते हैं।
बुखार कम करने में सहायक
सप्तपर्णी वृक्ष की छाल और पत्तियों में कम्पाउंड पाए जाते हैं, जो बुखार को कम करने में सहायक होते हैं। यह मलेरिया से जुड़े बुखार के साथ ही इंफेक्सन की वजह से होने वाले बुखार को भी कम करने में मदद करते हैं।
ह्नइम्यून सिस्टम को बढ़ाए
सप्तपर्णी में फ्लेवोनोइड्स और टैनिन सहित बायोएक्टिव कम्पाउंड पाए जाते हैं। यह इम्यून सिस्टम को बढ़ाने में सहायक होते हैं। मलेरिया और बुखार से लडऩे के लिए शरीर में इम्यून सिस्टम का मज़बूत होना बेहद ज़रुरी है। इसके लिए आप सप्तपर्णी के अर्क का सेवन कर सकते हैं।
शीतलता प्रदान करे
सप्तपर्णी शरीर को शीतलता प्रदान करने में सहायक होता है। इसकी पत्तियों को पीसकर माथे में लगाने से सिर की गर्मी शांत होती है। ऐसे में सिर मे होने वाला भारीपन भी कम हो सकता है।




























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