श्रीनगर। जी-20 पर्यटन कार्य समूह का त्रिदिवसीय सम्मेलन 22 मई से प्रारम्भ है। सम्मेलन को शांत, सुरक्षित एवं विश्वास पूर्ण वातावरण में संपन्न कराने और किसी भी आतंकी षड्यंत्र को विफल बनाने के लिए श्रीनगर समेत प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमा और एलओसी पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है। पठानकोट-जम्मू और जम्मू-पुंछ व जम्मू-श्रीनगर-गांदरबल राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिह्नित स्थानों पर विशेष नाके भी स्थापित किए गए हैं। लगभग 600 पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को सादी वर्दी में सम्मेलन स्थल, एयरपोर्ट और अन्य महत्त्वपूर्ण जगहों पर तैनात किया गया है।
जानकार सूत्रों ने बताया कि सम्मेलन स्थल को एनएसजी व जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान दल एसओजी के कमांडो दस्ते ने अपने कब्जे में ले लिया है, जबकि डल झील में सीआरपीएफ के वाटर विंग और नौसेना के मार्कोस दस्ते के कमांडो अपनी कश्तियों में लगातार गश्त कर रहे हैं। एंटी ड्रोन प्रणाली भी स्थापित कर दी गई है और सम्मेलन स्थल को नो फ्लाइंग जोन बनाया गया है। किसी भी खतरे से निपटने के लिए थल, जल और नभ से चौकसी की जा रही है।
तीन दिन तक चलने वाले इस समागम में शामिल होने के लिए विदेशी मेहमानों का आगमन रविवार से शुरू हो गया है। उत्तरी कमान के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने उड़ी सेक्टर में अग्रिम सैन्य चौकियों का दौरा करके सेना की युद्धक तैयारियों और घुसपैठ रोधी तंत्र का भी जायजा लिया।
सम्मेलन डल झील किनारे स्थित शेरे कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में हो रहा है। जम्मू के परगवाल सेक्टर में चिनाब दरिया में बीएसएफ के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं।
महत्वपूर्ण जगहों पर शार्प शूटर तैनात
जम्मू-कश्मीर में जी-20 सम्मेलन को देखते हुए सभी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को बढ़ाया गया है। श्रीनगर में करीब एक हजार सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। विभिन्न इलाकों में ड्रोन के जरिए भी निगरानी की जा रही है। आतंकियों द्वारा ड्रोन हमले की आशंका को देखते हुए एंटी ड्रोन प्रणाली भी स्थापित की गई है। श्रीनगर में सभी ऊंची इमारतों और महत्त्वपूर्ण जगहों पर शार्प शूटर तैनात किए गए हैं। सीआरपीएफ, पुलिस और सेना के क्यूआरटी, क्यूएटी और सीआरटी दस्तों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संवेदनशील जगहों पर तैनात किया गया है। श्रीनगर में आने जाने के सभी रास्तों पर विशेष पड़ताल चौकियां स्थापित की गई है। सभी संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है।
घाटी में ही नहीं जम्मू प्रांत के पहाड़ी व आतंक ग्रस्त इलाकों में रहने वाले अल्पसंख्यकों की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है। उन्हें किसी भी संदिग्ध गतिविधि को देखते ही निकटवर्ती पुलिस चौकी या सुरक्षा शिविर में सूचित करने के लिए कहा गया है। श्रीनगर के भीतर ही नहीं अन्य सभी शहरों व कस्बों में और सभी महत्त्वपूर्ण सड़कों पर अनाधिकृत जगहों पर चालकों को अपने वाहन खड़ा करने से मना किया गया है।





























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