रूस ने यूक्रेन के दो प्रांतों लुहांस्क और डोनेस्टक को स्वतंत्र देश घोषित कर दिया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने सोमवार को इसकी घोषणा की। इस घोषणा के साथ ही पुतिन ने लुहांस्क, डोनेस्टक और अलगाववादियों के कब्जे वाले इलाके में अपने देश की सेना को तैनात कर दिया है। पुतिन के इस $कदम के बाद ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आपातकाल बैठक बुलाई। बैठक में भारत ने रूस के इस $कदम पर चिंता जताई।
यूएनएसओ में भारत के प्रतिनिधि टी.एस. तिरुमूर्ति ने कहा, इस $कदम से शांति और सुरक्षा भंग हो सकती है। यह मसला केवल डिप्लोमैटिक बातचीत के ज़रिए हल हो सकता है। उधर अमेरिका ने कहा कि रूस का यह $कदम यूक्रेन में घुसपैठ का एक बहाना है। हम और हमारे साथी इस बात को लेकर सहमत हैं कि अगर रूस और ज़्यादा घुसपैठ करता है, तो उसे जल्द माकूल जवाब देना चाहिए। यह वो वक्त है, जब कोई किनारे पर खड़ा नहीं रह सकता है।
इरूस पर शांति वार्ता को
बर्बाद करने का आरोप
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने रूस पर शांति वार्ता को बर्बाद करने का आरोप लगाया है। मंगलवार की सुबह देश को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ कर दिया कि वो अपने क्षेत्रीय इलाकों को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेंगे। जेलेंस्की ने इससे पहले रूस को दो टूक लहजे में कहा, हम डरते नहीं हैं। यूक्रेन को अभी भी पश्चिमी देशों के समर्थन की उम्मीद है।
अमेरिका की कड़ी प्रतिक्रिया
रूस के इस फैसले पर अमेरिका ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडेन जल्द ही एक आदेश जारी करेंगे, जो अमेरिकी नागरिकों को लुहांस्क और डोनेस्टक क्षेत्र में इन्वेस्टमेंट से रोकेगा। अमेरिका के अलावा ब्रिटेन ने भी पाबंदियां लगाने की बात कही है।





























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