वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नदी में चलने वाले सबसे लंबे यात्री जहाज एमवी गंगा विलास क्रूज को वीडियो कॉफ्रेंस के जरिए हरी झंडी दिखाकर वाराणसी के रविदास घाट से रवाना किया। इसमें स्वीडन के 31 पर्यटक सवार हैं। कू्रज 51 दिन में 3,200 किलोमीटर का सफर तय कर बांग्लादेश के रास्ते असम के डिब्रूगढ़ पहुंचेगा। गंगा विलास कू्रज पूरी तरह से भारत में निर्मित है। इसका इंटीरियर देश की संस्कृति और धरोहर को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया।
कू्रज में पर्यटकों को नित्यप्रति 25 से 50 हज़ार रुपए किराया देना होगा। वाराणसी से डिबू्रगढ़ तक की यात्रा की कुल लागत $करीब 20 लाख रुपए आएगी। अलग-अलग ट्रेवल स्लॉट के लिए किराया अलग अलग है। इनक्रेडिबल बनारस पैकेज का किराया 1.12 लाख रुपए है। इस पैकेज में गंगा घाट से रामनगर तक का सफर शामिल है। यह चार दिन का होगा। कोलकाता-बनारस पैकेज का किराया 4.37 लाख रुपए है। कोलकाता से बांग्लादेश की राजधानी ढाका तक की यात्रा का किराया भी इतना ही है। कोलकाता से मुर्शिदाबाद राउंड ट्रिप (आठ दिन) के लिए 2.92 लाख रुपए देने होंगे।
कू्रज वाराणसी में प्रसिद्ध गंगा आरती और बौद्ध धर्म के श्रद्धा स्थल सारनाथ में रुकेगा। यह मायोंग में भी रुकेगा, जो तांत्रिक विद्या के लिए जाना जाता है। यह सबसे बड़े नदी द्वीप और असम में वैष्णव संस्कृति के केंद्र माजुली भी जाएगा। कू्रज रॉयल बंगाल टाइगर्स के लिए प्रसिद्ध सुंदरवन के साथ एक सींग वाले गैंडों के लिए प्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से भी गुज़रेगा।




























Views Today : 20
Views Last 7 days : 270
Views Last 30 days : 1275
Views This Year : 7085
Total views : 107558
Who's Online : 0
Your IP Address : 216.73.217.31