सागर। सागर में रिश्वत के मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सागर आलोक मिश्रा की कोर्ट में हुई। न्यायालय ने मामले में सुनवाई करते हुए म.प्र. पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड के उपयंत्री आरोपी आरके पांडेय को दोषी पाते हुए चार वर्ष के सश्रम कारावास और एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। शासन की ओर से प्रकरण में पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्याम नेमा ने की।
अभियोजन मीडिया प्रभारी ने बताया कि 1 जून 2016 को आवेदक देवांश कठल ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की थी। शिकायत में बताया था कि निर्माण कार्य के बिल पास कराने के एवज में पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड सागर के उपयंत्री आरोपी आरके पांडेय 54 हज़ार रुपए की रिश्वत की मांग कर रहे है, लेकिन फरियादी रिश्वत नहीं देना चाहता है। शिकायत मिलते ही लोकायुक्त ने मामले की जांच की और पुष्टि होते ही कार्रवाई के लिए टीम पहुंची।
लोकायुक्त ने कार्रवाई करते हुए मामले में उपयंत्री आरके पांडेय को 50 हज़ार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा था। मामले में उपयंत्री के ख़्िाला$फ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दजऱ् कर जांच में लिया। जांच पूरी होने पर कोर्ट में चालान पेश किया गया। कोर्ट ने प्रकरण में सुनवाई शुरू की। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने साक्षियों और प्रकरण से जुड़े संबंधित दस्तावेज व रिकॉर्डिंग समेत अन्य साक्ष्य न्यायालय में पेश किए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद प्रकरण में फैसला सुनाते हुए उपयंत्री आरके पांडेय को सजा सुनाई है।



























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