नई दिल्ली। देश में पहली बार प्राइवेट स्पेस कंपनी ‘स्काईरूटÓ ने शुक्रवार को अपना पहला रॉकेट विक्रम-एस लॉन्च कर दिया है। कंपनी के विक्रम-एस रॉकेट को श्रीहरिकोटा में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के लॉन्चपैड से सुबह 11.30 बजे लॉन्च किया गया।
स्काईरूट एयरोस्पेस ने दो सालों में विक्रम-एस रॉकेट को विकसित किया है। कंपनी के लिए यह लॉन्च बेहद महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि यह उन 80 प्रतिशत तकनीकों को मान्यता दिलाने में मदद करेगा, जिनका उपयोग विक्रम-1 कक्षीय वाहन में किया जाएगा, जिसे अगले साल लॉन्च किया जाना है। विक्रम-एस का प्रक्षेपण सब-ऑर्बिटल में किया गया। इसका मतलब यह है कि यान बाहरी अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद पृथ्वी के चारों ओर ऑर्बिट में नहीं रहेगा। वहीं, विक्रम-1 एक बड़ा यान होगा, जो ऑर्बिटल की उड़ान भरेगा।
स्काईरूट ने रॉकेटों की इस विक्रम शृंखला का नाम भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के संस्थापक विक्रम साराभाई के नाम पर रखा है। ये रॉकेट दुनिया के कुछ लॉन्च वाहनों में से हैं, जिन्हें कार्बन कंपोजिट का उपयोग करके बनाया गया है। वाहन में स्पिन स्टेबिलिटी के लिए इस्तेमाल होने वाले थ्रस्टर्स को 3डी प्रिंटेड किया गया है। स्काईरूट कंपनी 2018 में शुरू की गई थी।




























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