नई दिल्ली। शिक्षा मंत्रालय के विद्यालयीन शिक्षा एवं साक्षरता मंत्रालय ने संशोधित समग्र शिक्षा योजना का राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा प्रभावी ढंग से अनुपालन करने के लिए योजना को लागू करने का अद्यतन ढांचा तैयार किया है। बच्चों की समान पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए योजना के अद्यतन अनुपालन ढांचे में सुझाव दिया गया है कि नए विद्यालयों की स्थापना और वर्तमान विद्यालयों के उन्नयन कार्य में भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआइएस) आधारित स्कूल मैपिंग की जाए।
यह मैपिंग शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में वर्णित मानदंडों पर आधारित होनी चाहिए। दस्तावेज में कहा गया है कि जीआइएस आधारित स्कूल मैपिंग करने का बुनियादी उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी बस्तियों/गांवों की स्कूली शिक्षा के सभी स्तरों तक स्वीकार्य गुणवत्ता मानदंडों के तहत पहुंच हो तथा संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। नए स्कूल स्थापित करने एवं वर्तमान स्कूलों का उन्नयन करने के प्रस्तावों का समुदायिक भागीदारी आधारित स्कूल मैपिंग के ज़रिए पुष्टि करना ज़रूरी होगा।
इस ढांचे में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 सभी बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच, समावेशी कक्षा माहौल, बहुभाषी ज़रूरतों, विभिन्न अकादमिक क्षमताओं, पठन-पाठन प्रक्रियाओं आदि को लेकर विस्तृत दिशानिर्देश एवं उठाए जाने वाले कदम सुझाए गए हैं। दस्तावेज के अनुसार, समग्र शिक्षा योजना में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की पहुंच, समानता, गुणवत्ता, वहनीयता और जवाबदेही सहित 86 सिफारिशों को शामिल किया गया है।




























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