नई दिल्ली। वर्तमान प्रधान न्यायाधीश उदय उमेश ललित अगले महीने की आठ तारीख को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। परंपरा है कि सेवानिवृत्त होने से पहले प्रधान न्यायाधीश खुद अपने उत्तराधिकारी के नाम की सिफारिश सरकार को भेजते हैं। इसके लिए सरकार भी प्रधान न्यायाधीश से अनुरोध करती है।
सुप्रीम कोर्ट की स्थापित परंपरा के हिसाब से वरिष्ठतम जज ही प्रधान न्यायाधीश बनाए जाते रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में इस स्थापित परंपरा को केवल एक बार इंदिरा गांधी के दौर में बदला गया था। परंपरा के हिसाब से वरिष्ठतम जज धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ को अगले प्रधान न्यायाधीश के रूप में देखा जा रहा है। अगर न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ प्रधान न्यायाधीश बनते हैं, तो उनका कार्यकाल नौ नवंबर, 2022 से 10 नवंबर 2024 तक यानी लगभग दो साल का होगा।
प्रधान न्यायाधीश की तरफ से उत्तराधिकारी के नाम की सिफारिश किए जाने के बाद केंद्र सरकार इस बारे में निर्णय करती है। न्यायमूर्ति ललित को वकील से सीधे सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाया गया था, जबकि न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ पहले बंबई हाईकोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त हुए थे। सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाए जाने से पहले वे इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश थे।





























Views Today : 27
Views Last 7 days : 277
Views Last 30 days : 1282
Views This Year : 7092
Total views : 107565
Who's Online : 0
Your IP Address : 216.73.217.31