मुंबई। विशेष सीबीआई अदालत ने नागपुर स्थित एक निजी कंपनी को महाराष्ट्र कोयला ब्लॉक आवंटन में अनियमितता के मामले में पूर्व केंद्रीय कोयला सचिव एचसी गुप्ता को तीन साल की जेल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही एचसी गुप्ता पर 01 लाख रुपये का जुर्माना भी कोर्ट ने लगाया है। इस मामले में कोयला मंत्रालय में पूर्व संयुक्त सचिव केएस क्रोफा को भी दो साल कैद की सजा सुनाई गई है और उनपर 50 हज़ार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
सीबीआई कोर्ट ने लोहारा ईस्ट कोल ब्लॉक आवंटन से जुड़े मामले में अपराधिक साजिश, अपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के मामले में दोनों को दोषी ठहराया था। अदालत ने अपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के लिए दोषी कंपनी ग्रेस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (जीआईएल) के निदेशक मुकेश गुप्ता को भी चार साल की जेल की सजा सुनाई है साथ ही मुकेश गुप्ता पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जबकि कंपनी को भी दो लाख रुपये अलग से जुर्माना भुगतान करने का निर्देश दिया है।
सीबीआई ने पिछले हफ्ते सुनवाई पूरी होने के बाद कहा था कि कोयला घोटाला देश के सबसे बड़े घोटालों में से एक है और इस घोटाले का असर यह है कि कंपनियां कोयला खदानों के लिए आगे नहीं आ रही हैं। धरती मां द्वारा पर्याप्त मात्रा में कोयला उपलब्ध कराने के बावजूद हम सक्षम नहीं हैं। कोयला निकलने के बाद भी कोयले की कमी है। हम भारत के बाहर जैसे इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया आदि देशों से कोयला आयात करने के लिए मजबूर हैं।




























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