गर्मियों के दिनों में बच्चे शारीरिक रूप से बहुत सक्रिय (Active) होते हैं। दिन भर की भागदौड़, खेलकूद और पसीने के कारण उनका ‘नर्वस सिस्टम’ (तंत्रिका तंत्र) शाम तक बहुत अधिक उत्तेजित हो जाता है। यही कारण है कि रात को बिस्तर पर जाने के बाद भी वे जल्दी सो नहीं पाते, करवटें बदलते हैं और नींद में कई बार चौंकते हैं।
प्राकृतिक चिकित्सा में माना गया है कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए गहरी नींद (Deep Sleep) सबसे अच्छी दवा है। यदि शरीर की अतिरिक्त गर्मी (पित्त) और थकान को शांत न किया जाए, तो नींद का चक्र टूट जाता है।
नींद और बच्चों का विकास
विज्ञान यह सिद्ध कर चुका है कि बच्चों के शरीर की लंबाई और उनके मस्तिष्क का विकास सबसे ज्यादा रात की गहरी नींद के दौरान ही होता है। यदि गर्मी या थकान के कारण उनकी नींद पूरी नहीं होगी, तो उनकी इम्युनिटी गिरेगी और वे चिड़चिड़े हो जाएंगे।
तलवों की मालिश: दिमाग को शांत करने का स्विच
हमारे शरीर की सारी 72 हजार नाड़ियां (नसों का अंतिम छोर) हमारे पैरों के तलवों पर खत्म होती हैं।
मेरी राय में : बच्चों की ऊर्जा को सही दिशा देना माता-पिता का सबसे बड़ा कर्तव्य है। रसायनों वाली दवाइयों की जगह, अपने हाथों के स्पर्श और प्रकृति के तेलों से उनके शरीर को आराम दें। जब बच्चों की नींद पूरी होगी, तो अगली सुबह वे एक नई और ऊर्जावान ‘जीवनी शक्ति’ के साथ जागेंगे।
कार्यकारी संपादक, बृजपाल सिंह चौहान (एन. डी.) नेचुरोपैथी
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