नई दिल्ली। हमारे देश भारत ने रक्षा के क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। देश का पहला पूरी तरह स्वदेशी और बेहद किफायती काउंटर-स्वार्म एंटी-ड्रोन सिस्टम भार्गवास्त्र अब भारतीय सेना में शामिल होने के लिए तैयार है। यह आधुनिक प्रणाली आसमान में मंडराने वाले दुश्मन के आत्मघाती ड्रोनों और घातक ड्रोन समूहों (ड्रोन स्वार्म) को पलक झपकते ही हवा में नेस्तनाबूद करने की क्षमता रखती है।
ज्ञातव्य है कि इस अत्याधुनिक सैन्य प्रणाली का निर्माण प्रमुख रक्षा कंपनी सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड ने अपने नागपुर (महाराष्ट्र) स्थित अत्याधुनिक विनिर्माण संयंत्र में किया है। 24 जुलाई 2026 को नागपुर स्थित इसी इकाई में भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के सामने भार्गवास्त्र का लाइव प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शन के दौरान कंपनी के प्लांट परिसर में ही एक कृत्रिम ड्रोन स्वार्म उड़ाया गया। भार्गवास्त्र के उन्नत रडार और इलेक्ट्रो-आॅप्टिकल सेंसरों ने तुरंत इस खतरे को भांप लिया और वास्तविक समय (रियल-टाइम) में लॉन्चर को सटीक टारगेट सौंप दिए। हालांकि, औद्योगिक सुरक्षा नियमों के कारण नागपुर प्लांट के अंदर वास्तविक मिसाइल या रॉकेट फायर नहीं किए गए।
भार्गवास्त्र के मारक हथियारों का वास्तविक लाइव-फायरिंग परीक्षण ओडिशा के गोपालपुर में समुद्र तटीय सीवर्ड फायरिंग रेंज में पहले ही सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है।




























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