नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का तीसरा दिन (22 जुलाई) पूरी तरह से हंगामे और गतिरोध की भेंट चढ़ गया। नीट-यूजी पेपर लीक मामले और दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई कथित पुलिस बर्बरता के मुद्दे पर विपक्ष ने दोनों सदनों में सरकार को जमकर घेरा। जहां एक ओर विपक्ष केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा रहा, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के विरोध में प्रधानमंत्री आवास के बाहर सड़क पर बैठकर धरना दिया। भारी शोर-शराबे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को बार-बार स्थगित करना पड़ा।
बढ़ते विवादों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि परीक्षा पत्रों का लीक होना एक ‘गंभीर पाप’ है और इसे देश में दोबारा कभी नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए सरकार राष्ट्रीय स्तर पर सख्त कानून और कड़े कदम उठाने के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।




























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