रामगढ़, पंचकूला (हरियाणा)। रविवार, दिनांक-31 मई 2026 को भारत ने रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर एक और बड़ा कदम बढ़ा दिया है। हरियाणा के पंचकूला जिले के रामगढ़ में स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की प्रतिष्ठित विंग टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी ने रविवार सुबह एक उच्च क्षमता (हाई कैलिबर) वाले बम का सफलतापूर्वक परीक्षण सम्पन्न किया। भारतीय वायुसेना के उच्च अधिकारियों की विशेष निगरानी में हुआ यह परीक्षण पूरी तरह सफल रहा और इसने निर्धारित सभी सुरक्षा व तकनीकी मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया।
संहारक क्षमता में होगा इजाफा
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, पंचकूला के टीबीआरएल में किया गया यह परीक्षण भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट्स और मिसाइल प्रणालियों को भविष्य के युद्धों के लिए अत्यधिक विनाशकारी और अचूक संहारक क्षमता प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। अधिकारियों ने पुष्टि की कि परीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या नागरिक संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं मिली है और पूरा ऑपरेशन बेहद सुरक्षित तरीके से अंजाम दिया गया।




























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