ग्रीष्म ऋतु के चरम पर पसीना आना शरीर की सबसे बड़ी जरूरत है, क्योंकि इसी से शरीर का तापमान नियंत्रित होता है। लेकिन पसीने के साथ जब त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया मिलते हैं, तो भयंकर बदबू (Body Odor) पैदा होती है। इस बदबू से बचने के लिए हम दिन भर अपने शरीर पर केमिकल वाले ‘डियोड्रेंट’ और ‘एंटी-पर्सपिरेंट’ (Antiperspirants) स्प्रे करते हैं। प्राकृतिक चिकित्सा चेतावनी देती है कि ये स्प्रे आपकी त्वचा और लिम्फ नोड्स (Lymph Nodes) के लिए धीमा जहर हैं।
डियोड्रेंट और एंटी-पर्सपिरेंट में ‘एल्युमिनियम कंपाउंड्स’ (Aluminium) और ‘पैराबेन’ होते हैं।
• ये रसायन पसीने की ग्रंथियों (Sweat glands) को जबरदस्ती बंद (Block) कर देते हैं। जब पसीना बाहर नहीं निकलता, तो शरीर के अंदर के विषैले तत्व (Toxins) बगल (Underarms) की लिम्फ ग्रंथियों में जमा होने लगते हैं, जो आगे चलकर ट्यूमर और ब्रेस्ट कैंसर का बहुत बड़ा कारण बनते हैं।
फिटकरी (Phitkari): प्रकृति का अपना डियोड्रेंट
फिटकरी एक प्राकृतिक खनिज (Mineral) है। यह पसीने को रोकती नहीं है, बल्कि पसीने में बदबू पैदा करने वाले बैक्टीरिया को 100% नष्ट कर देती है।





























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