संकल्प शक्ति। ऋषिवर सद्गुरुदेव श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के आशीर्वाद से दिनांक 09-10 मई 2026 को रामलीला मैदान, सीमांत जनपद पिथौरागढ़, उत्तराखंड में नशामुक्त समाज की परिकल्पना को लेकर भगवती मानव कल्याण संगठन के तत्त्वावधान में 24 घंटे का श्री दुर्गाचालीसा पाठ सम्पन्न किया गया।
आयोजित दिव्य अनुष्ठान सम्पन्न होने से पूर्व दिनांक 10 मई को श्री दुर्गाचालीसा पाठ स्थल रामलीला मैदान से संगठन की केन्द्रीय अध्यक्ष शक्तिस्वरूपा बहन सिद्धाश्रमरत्न बहन पूजा शुक्ला जी, संगठन के केन्द्रीय महासचिव सिद्धाश्रमरत्न अजय अवस्थी जी और सिद्धाश्रम चेतना आरूणी जी की अगुआई में विशाल नशामुक्ति जनजागरण सद्भावना यात्रा निकाली गई। ‘नशामुक्त जीवन अपनाओ, जीवन अपना खुशहाल बनाओ’ के उद्घोष के साथ यह यात्रा अपटैक तिराहा, गुप्ता तिराहा, केमू स्टेशन, रोडवेज तिराहा, देवसिंह फील्ड, वड्डा तिराहा, सिल्थाम तिराहा, गांधी चौक, सिमलगैर बाज़ार होते हुए वापस रामलीला मैदान पहुँची और यात्रा में शामिल संगठन के कार्यकर्ता व पिथौरागढ़ के वासी चल रहे श्री दुर्गाचालीसा अखण्ड पाठ में शामिल होगए।
दिव्य अनुष्ठान की समापन बेला पर सिद्धाश्रम चेतना आरूणी जी ने अपनी तेजस्वी वाणी में उपस्थित जनसमुदाय को सम्बोधित करते हुए कहा कि ‘‘आज यहाँ ‘माँ’-गुरुवर की कृपा से 24 घंटे का श्री दुर्गाचालीसा अखण्ड पाठ और नशामुक्ति जनजागरण सद्भावना यात्रा सम्पन्न हुई और मैं ‘माँ’-गुरुवर से प्रार्थना करती हूँ कि हमारे सभी गुरुभाई-बहनों और इस देवभूमि के वासियों के जीवन में सुख-शान्ति बनी रहे। मैं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री से कहना चाहती हूँ कि शराब की दूकानें बन्द करवाएं, जिससे क़ानून का राज्य कायम हो सके। मैं आशा करती हूँ कि वे इस दिशा में सारगर्भित क़दम उठाएंगे।
शक्तिस्वरूपा बहन पूजा शुक्ला जी ने कहा कि ‘‘यह नशामुक्ति जनजागरण पदयात्रा जो सम्पन्न की गई, इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को नशे की बुराइयों से अवगत कराकर उन्हें एक स्वस्थ और चरित्रवान् जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था। भगवती मानव कल्याण संगठन द्वारा निकाली गई नशामुक्ति यात्रा मात्र एक रैली नहीं, बल्कि बदलते सामाजिक परिवेश में एक सशक्त वैचारिक आंदोलन है और हज़ारों लोगों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि जनता अब नशे के ख़िलाफ़ एकजुट होकर एक नए और सुरक्षित भविष्य का निर्माण करना चाहती है।
हो सकता है कि इस देवभूमि पर तपस्या का स्तर बहुत ऊंचा हो, लेकिन जहां पर नशा, शराब व मांस परोसा जाता है, वहाँ पर देवी-देवताओं की कृपा कभी नहीं होती। परम पूज्य गुरुवर ने हमें ज्ञान दिया है कि हमें नशे-मांसाहार से मुक्त होकर, शांतचित्त बैठकर नित्यप्रति अपने इष्ट की साधना-आराधना करनी चाहिए। आप लोगों ने पूर्णरूपेण नशे-मांसाहार से मुक्त होकर यहाँ पर माता भगवती की आराधना की, इसका दिव्यफल अवश्य मिलेगा। यदि आपका मन अशान्त हो, परेशानियां हों, तो इसी तरह शांतचित्त बैठकर ‘माँ’ की साधना-आराधना करिएगा, ध्यान करिएगा, निश्चित रूप से कहीं-न-कहीं आपको मार्ग अवश्य मिलेगा और परेशानियों से मुक्ति मिलेगी।’’
सिद्धाश्रम रत्न अजय अवस्थी जी ने अपनी चिरपरिचित शैली में कहा कि ‘‘ गुरुवरश्री का प्रेरणाप्रद कथन है कि ‘लक्ष्य पर पहुंचे बिना, ऐ पथिक विश्राम कैसा।’ हमको तब तक नहीं रुकना है, जब तक कि प्रदेश सरकार हमारे इस उत्तराखंड को पूर्णरूपेण नशामुक्त नहीं कर देती। भगवती मानव कल्याण संगठन नि:शुल्क, नि:स्वार्थ, सेवाभाव के साथ देश के 178 ज़िलों में कार्य कर रहा है और यह एक ऋषि का आशीर्वाद है। आप लोग देख रहे हैं कि संगठन के कार्यकर्ता अपनी जेब से पैसा लगाकर दिव्य अनुष्ठान का आयोजन करते हैं, नशामुक्ति जनजागरण सद्भावना यात्रा निकालते हैं, इसलिए कि समाज का उत्थान हो सके।
उद्बोधन क्रम के पश्चात् दिव्य अनुष्ठान में शामिल भक्तों ने महाप्रसाद प्राप्त किया।





























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