हैदराबाद। हैदराबाद के नामपल्ली क्षेत्र में रेल यात्रियों और पर्यटकों के लिए भारत का पहला पूरी तरह से ऑटोमैटिक मल्टी-लेवल पार्किंग कॉम्प्लेक्स आधिकारिक तौर पर संचालित है। 102 करोड़ से 150 करोड़ की अनुमानित लागत से निर्मित यह 15 मंजिला कॉम्प्लेक्स जर्मन पैलिज तकनीक पर आधारित है, जो बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के वाहनों को सुरक्षित रूप से पार्क करता है।
बिना स्टाफ वाली प्रणाली: दिल्ली और मुंबई की पार्किंग प्रणालियों के विपरीत, यह भारत की पहली ऐसी प्रणाली है, जो ‘पैलेट्स’ (प्लेटफॉर्म) का उपयोग नहीं करती। रोबोटिक शटल सीधे वाहन के पहियों को पकड़कर उसे सही स्लॉट में ले जाती है।
तेज सेवा: वाहन को पार्क करने में 01 मिनट से भी कम समय लगता है, जबकि उसे वापस प्राप्त करन में मात्र 02 मिनट का समय लगता है।
क्षमता और संरचना: कुल 15 मंजिलों में से 10 मंजिलों को पार्किंग के लिए समर्पित किया गया है, जिसमें 250 कारें और लगभग 200 दोपहिया वाहन एक साथ खड़े किए जा सकते हैं।
स्मार्ट तकनीक: इसमें 360-डिग्री टर्नटेबल सिस्टम लगा है, जिससे ड्राइवर को गाड़ी मोड़ने की ज़रूरत नहीं पड़ती। सेंसर गाड़ी के आकार को पहचानकर उसे उपयुक्त जगह पर भेज देते हैं।
पार्किंग शुल्क: कारों के लिए शुल्क 35 रुपए प्रति घंटा और दोपहिया वाहनों के लिए 10 रुपए प्रति घंटा से शुरू होता है।
अतिरिक्त सुविधाएं: कॉम्प्लेक्स की ऊपरी मंजिलों पर दो सिनेमा थिएटर, एक फूड कोर्ट, व्यावसायिक दुकानें और 11वीं मंजिल पर एक सिटी-व्यूइंग गैलरी बनाई गई है, जहाँ से शहर का दृश्य देखा जा सकता है।
ईवी चाजिंर्ग: इसमें इलेक्ट्रिक वाहनो के लिए चार्जिंग स्टेशन और सौर ऊर्जा पैनल भी लगाए गए हैं।
काम करने का तरीका: ड्राइवर अपनी कार को टर्मिनल के टर्नटेबल पर खड़ा करता है। उसे एक क्यूआर कोड वाला स्मार्ट काड दिया जाता है। जैसे ही ड्राइवर कार्ड स्वाइप कर बाहर आता है, रोबोटिक शटल गाड़ी को लिफ्ट के जरिए खाली स्लॉट में पहुंचा देती है। वाहन वापस लेने के लिए, शुल्क का भुगतान कर कार्ड स्वाइप करते ही सिस्टम कार को वापस मुख्य गेट पर ले आता है।





























Views Today : 241
Views Last 7 days : 897
Views Last 30 days : 1547
Views This Year : 10537
Total views : 111010
Who's Online : 0
Your IP Address : 162.251.85.8