नई दिल्ली। अगले वित्त वर्ष (2026-27) में मंहगाई और बढ़ सकती है। एक सर्वेक्षण के अनुसार, अगले साल से खाद्य पदार्थों के मूल्यों में और तेजी आने के संकेत हैं। मंहगाई बढ़ने के मुख्य कारण हैं-जलवायु परिवर्तन और उत्पादों के मूल्यों में वृद्धि।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून सामान्य नहीं रहा या बेमौसम बरसात हुई, तो सब्ज़ियों और दालों की कीमतों में पर्याप्त तेजी आ सकती है। इतना ही नहीं कई बड़ी कंपनियों ने अनाज़ और अन्य पैकेट बंद खाद्य पदार्थों के मूल्यों में पांच से दस प्रतिशत तक की वृद्धि करने के संकेत दिए हैं।
क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, 2027 में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 4.3 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। यद्यपि सरकार के पास गेहूं और चावल का भंडारण पर्याप्त है, जो 86 मिलियन टन से अधिक है। अत: अनाज की कीमतें बहुत ज़्यादा बढ़ने की संभावना नहीं है।
गौरतलब है कि मंहगाई से वैसे ही आम उपभोक्ता परेशान हैं, यदि मंहगाई और बढ़ती है, तो आम परिवारों की रसोई का बजट बहुत बिगड़ सकता है।





























Views Today : 241
Views Last 7 days : 897
Views Last 30 days : 1547
Views This Year : 10537
Total views : 111010
Who's Online : 0
Your IP Address : 162.251.85.8