एलोवेरा को घृतकुमारी और ग्वारपाठा के नाम से भी जाना जाता है और इसमें रोगों को दूर करने की क्षमता अधिक रहती है।
एलोवेरा की कई प्रजातियाँ हैं, जिनमें बारना डेंसीस नाम की प्रजाति अधिक लाभप्रद है। इसमें 18 धातु, 15 एमीनो एसिड और 12 विटामिन रहते हैं और इसका प्रभाव गर्म होता है। इसका सेवन करने से ख़ून की कमी दूर होती है, साथ ही यह रोगप्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है। इसे आप अपनी त्वचा पर भी लगा सकते हैं, इससे आपकी त्वचा में चमक बनी रहेगी।
उपयोग विधि: एलोवेरा की पत्तियों को छीलने के बाद उसे काटकर रस निकाल लें और तीन चम्मच रस सुबह खाली पेट सेवन करें, तो आपके शरीर में चैतन्यता बनी रहेगी।
जलने व चोट लगने पर : आपका शरीर कहीं पर जल जाए, या चोट लग जाए, तो एलोवेरा के रस को लगाएं, इससे घाव जल्दी भरेगा। यह डायबिटीज, गर्भाशय के रोग, बवासीर, पेट की गड़बड़ी, मुंहासे आदि में भी लाभकारी है।





























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