संकल्प शक्ति। पूरे भारत देश में मकरसंक्रांति पर्व उल्लास-उमंग के साथ मनाया गया। सनातनधर्मावलम्बियों ने प्रयागराज में पतित पावनी गंगा के साथ ही विभिन्न सरोवरों में प्रात:कालीन स्नान के उपरान्त सूर्यदेव को अर्ध्य दिया और सुख-शान्ति-सन्तोष से परिपूर्ण जीवन की कामना की।
मध्यप्रदेश के शहडोल ज़िलान्तर्गत ब्यौहारी अनुविभाग में स्थित पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम धाम में तो प्रात: से ही भक्तों का प्रवाह उमड़ पड़ा था। सिद्धाश्रमवासियों और आगन्तुक भक्तों ने सिद्धाश्रम सरिता में स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण कर प्रात:कालीन आरतीक्रम में सम्मिलित हुए और सभी ऋषिवर सद्गुरुदेव श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के श्रीचरणों का स्पर्श करके शुभाशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

तत्पश्चात् भक्तगणों ने सिद्धाश्रम सरिता के तीर पर स्थित पूज्य दण्डी संन्यासी स्वामी श्री रामप्रसाद आश्रम जी महाराज की समाधि व दानवीर बाबा के गुफास्थल पर जाकर नमन-वंदन किया। तत्पश्चात् सिद्धाश्रम धाम में संचालित अन्नपूर्णा भंडार गृह परिसर में पहुंचकर आनन्दभाव से खिचड़ी प्रसाद और दहीबड़ों को बड़े चाव से ग्रहण किया और पूरे दिन श्री दुर्गाचालीसा अखण्ड पाठ मंदिर में बैठकर माता भगवती के गुणगान में लीन रहे।
सायंकालीन बेला में भी गुरुभाई-बहनों व श्रद्धालुभक्तों ने आरतीक्रम में सम्मिलित होकर परम पूज्य गुरुवरश्री के चरणों पर नतमस्तक होकर सुखी व समृद्ध जीवन का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। तत्पश्चात् सभी ने श्रद्धापूर्वक दहीबड़ा और खिचड़ी प्रसाद प्राप्त किया।
गौरतलब है कि मकरसंक्रांति पर्व देश के विभिन्न भागों में विभिन्न नामों से मनाया जाता है। यह पर्व मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, झारखंड, त्रिपुरा तथा पश्चिम बंगाल में मकरसंक्रान्ति, तमिलनाडु व अन्य दक्षिणी राज्यों में पोंगल, जबकि गुजरात में उत्तरायण तथा बिहू का पर्व असम में मनाया जाता है।





























Views Today : 1
Views Last 7 days : 251
Views Last 30 days : 1256
Views This Year : 7066
Total views : 107539
Who's Online : 0
Your IP Address : 216.73.217.31