एक बार एक किसान ने अपने पड़ोसी को अपशब्द कहकर अपमानित कर दिया और जब बाद में उसे अपनी ग़लती का एहसास हुआ तो वह एक संत के पास गया। उसने संत से अपने शब्द वापस लेने का उपाय पूछा। संत ने किसान से कहा, ‘तुम खूब सारे पंख इकठ्ठा कर लो और उन्हें शहर के बीचो-बीच जाकर रख दो।’ किसान ने ऐसा ही किया और फिर संत के पास पहुंच गया। तब संत ने कहा, ‘अब जाओ और उन पंखों को इकठ्ठा कर के वापस ले आओ। ’
किसान वापस गया, लेकिन तब तक सारे पंख हवा से इधर-उधर उड़ चुके थे और किसान को खाली हाथ संत के पास लौटना पड़ा। संत ने किसान से कहा कि ‘ठीक ऐसा ही तुम्हारे द्वारा कहे गए शब्दों के साथ होता है, तुम आसानी से इन्हें अपने मुख से निकाल तो सकते हो, पर चाहकर भी वापस नहीं ले सकते। लेकिन उस व्यक्ति से क्षमा मांगकर अपनी ग़लती को सुधार सकते हैं।




























Views Today : 13
Views Last 7 days : 115
Views Last 30 days : 844
Views This Year : 8235
Total views : 108708
Who's Online : 0
Your IP Address : 74.7.242.40