बीजिंग। चीन में शंघाई सहयोग संगठन के रक्षा मंत्रियों की बैठक हुई। इसमें भारत के डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह और पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ शामिल हुए, लेकिन राजनाथ ने पाकिस्तानी रक्षामंत्री से मुलाकात नहीं की। उन्होंने रउड के जॉइंट स्टेटमेंट पर साइन करने से भी इनकार कर दिया, क्योंकि उसमें पहलगाम आतंकी हमले को शामिल नहीं किया गया था, जबकि पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हुई आतंकी घटना का जिक्र था।
राजनाथ सिंह ने बैठक में कहा कुछ देश सीमा पार आतंकवाद को अपनी नीति मानते हैं। वे आतंकवादियों को पनाह देते हैं और फिर इससे इनकार करते हैं। ऐसे डबल स्टैंडर्ड के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्हें समझना होगा कि अब आतंकवाद के एपिसेंटर सेफ नहीं हैं। रउड को ऐसे देशों की आलोचना करने में संकोच नहीं करना चाहिए।
2001 में हुई रउड की स्थापना: शंघाई सहयोग संगठन (रउड) एक क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसे रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने बनाया था। 2017 में भारत और पाकिस्तान इसके सदस्य बने और 2023 में ईरान भी जुड़ा। रउड का मकसद सदस्य देशों के बीच सुरक्षा, आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को बढ़ाना है।



























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