नई दिल्ली। लगभग 217 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी के चार मामले दर्ज करने के बाद सीबीआइ ने पीएसएल निदेशकों और अन्य के परिसरों पर गुरुवार को छापेमारी की। ये छापेमारी एक साथ मुंबई, दमन, कच्छ, नोएडा और दिल्ली के 12 स्थानों पर की गई। इस दौरान सीबीआइ ने 90,413 अमेरिकी डालर और 1.99 करोड़ रुपये ज़ब्त किए। इस संबंध में अधिकारियों ने कहा कि केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, आइडीबीआइ बैंक लिमिटेड और एक्जिम बैंक की शिकायतों के आधार पर कुल 217.37 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
धोखाधड़ी का पहला मामला केनरा बैंक से जुड़ा है, जो लगभग 30.49 करोड़ रुपए का है। दूसरा मामला ओरिएंटल बैंक आफ कामर्स में 51.90 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का है। सीबीआई के अनुसार, आरोप लगाया गया कि पाइप निर्माण और पाइप कोटिंग के कारोबार में शामिल निजी कंपनी ने ई-सिंडिकेट बैंक से ऋण सुविधाओं का लाभ उठाया और इसके बाद राशि को अपनी सहायक कंपनियों में भेज दिया। तीसरा मामला आइडीबीआइ बैंक लिमिटेड से 29.06 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से संबंधित है। कंपनी और उसके अधिकारियों पर एक्सपोर्ट इंपोर्ट बैंक आफ इंडिया में 105.92 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया था।
सीबीआइ ने बैंक आफ बड़ौदा की अगुवाई वाले 17 बैंकों से 4,957 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में मुंबई की प्रतिभा इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसके चार निदेशकों और जमानतदारों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसी के प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्षेत्र में काम करती है।
सीबीआई ने एबीजी शिपयार्ड के पूर्व अध्यक्ष ऋषि अग्रवाल के खिलाफ पंजाब नेशनल बैंक के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम से 1,688 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। एजेंसी ने वडराज सीमेंट कंपनी, अग्रवाल और दो अन्य पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक कदाचार के आरोप में मामला दर्ज किया है। धोखाधड़ी करने से बैंक कंसोर्टियम को 1688.41 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जांच एजेंसी के प्रवक्ता ने कहा कि सीबीआइ ने मुंबई और जयपुर सहित तीन स्थानों पर तलाशी ली थी, जिसमें कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए थे।




























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