हनुमान जन्मोत्सव चैत्र माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह माना जाता है कि इस दिन हनुमानजी का जन्म हुआ था। पूर्णिमा तिथि 23 अप्रैल को है।
हनुमान जयन्ती दिवस पर हिन्दूधर्मानुयायी हनुमान जी की पूजा करते है। हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी थे। हनुमानजी की मूर्ति पर सिन्दूर और चाँदी का वर्क चढ़ाने की परम्परा। कहा जाता है कि भगवान् श्रीराम की लम्बी आयु के लिए एक बार हनुमान जी ने अपने पूरे शरीर पर सिन्दूर चढ़ा लिया था और इसी कारण उन्हें और उनके भक्तों को सिन्दूर चढ़ाना बहुत अच्छा लगता है, जिसे चोला कहते हैं। संध्या के समय दक्षिण मुखी हनुमान मूर्ति के सामने शुद्ध होकर मन्त्र जाप करने को अत्यन्त महत्त्व दिया जाता है। हनुमान जयन्ती पर रामचरितमानस के सुन्दरकाण्ड पाठ को पढऩा भी हनुमानजी को प्रसन्न करता है। सभी मन्दिरों में इस दिन तुलसीदास कृत रामचरितमानस एवं हनुमान चालीसा का पाठ होता है। स्थान-स्थान पर भण्डारे आयोजित किये जाते है।



























Views Today : 4
Views Last 7 days : 244
Views Last 30 days : 1259
Views This Year : 7101
Total views : 107574
Who's Online : 0
Your IP Address : 216.73.216.23