भोपाल। राजधानी भोपाल में गरीबों को मिलने वाले मुफ्त राशन में बड़े पैमाने पर चल रहे फजीर्वाड़े और राशन घोटाले को रोकने के लिए खाद्य विभाग ने एक बड़ा निर्णय लिया है। सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन प्राप्त करने वाले सभी कार्डधारकों और उनके परिवार के प्रत्येक सदस्य के लिए ई-केवाईसी कराना पूरी तरह अनिवार्य कर दिया है। इस डिजिटल फिल्टरेशन के लागू होते ही अब बिना बायोमेट्रिक सत्यापन के राशन का वितरण नहीं हो सकेगा।
ई-केवाईसी की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए हितग्राही दो आसान तरीकों का उपयोग कर सकते हैं–
उचित मूल्य दुकान / सीएससी: राशन कार्ड धारक अपनी नजदीकी राशन दुकान या कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर पीओएस मशीन के माध्यम से अपनी उंगलियों के निशान (थंब इम्प्रैशन) या आइरिस स्कैन देकर सत्यापन करा सकते हैं।
‘मेरा ई-केवाईसी’ मोबाइल ऐप: बुजुर्गों, दिव्यांगों या ऐसे मजदूर जिनकी हथेलियों की लकीरें मिट जाने के कारण फिंगरप्रिंट मैच नहीं हो रहे हैं, उनके लिए मोबाइल ऐप के जरिए फेस आॅथेंटिकेशन (चेहरा सत्यापित करने) की सुविधा भी प्रदान की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस कड़े क़दम का उद्देश्य किसी गरीब को उसके अधिकार से वंचित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी अनाज केवल वास्तविक और जरूरतमंद पात्र परिवारों तक ही पहुंचे। तय समयसीमा के भीतर केवाईसी न कराने वाले सदस्यों के नाम राशन पोर्टल से स्वत: ही विलोपित कर दिए जाएंगे।





























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