धारचूला। चीन सीमा तक जाने वाला तवाघाट-लिपुलेख मार्ग गर्बाधार के पास भारी बारूदी विस्फोट से विशाल चट्टान खिसकने के कारण फिर बंद हो गया है। मार्ग बंद होने से आदि कैलास, ओम पर्वत की यात्रा में गए सैकड़ों यात्री उच्च हिमालय में फंस गए हैं।
जानकार सूत्रों के अनुसार, धारचूला से आदि कैलास यात्रा में जाने वाले पाँच दजऱ्न के आसपास यात्री गर्बाधार से वापस धारचूला लौट चुके हैं। एक ओर जहाँ यात्रियों में मायूसी छायी है, वहीं जनता में गर्बाधार के पास भारी विस्फोट किए जाने से जनाक्रोश व्याप्त है।
हो रहा है मार्ग का चौड़ीकरण
चार मई से आदि कैलास यात्रा प्रारंभ होते ही तवाघाट लिपुलेख मार्ग पर संकट के बादल छा गए हैं, क्योंकि मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। बीआरओ संचालित इस मार्ग का कार्य गर्ग एवं गर्ग कंपनी को दिया गया है, लेकिन मार्ग में हैवी ब्लास्टिंग की अनुमति नहीं है। इसके बाद भी कंपनी द्वारा भारी विस्फोट किया जा रहा है।
शनिवार को देर शाम कंपनी के द्वारा गर्बाधार के पास भारी विस्फोट किया गया। जिसके कारण विशाल चट्टान खिसकने से गर्बाधार के पास मार्ग बंद हो गया है। मार्ग बंद होने से उच्च हिमालय में सैकड़ों लोग फंसे हैं। जिसमें आदि कैलास यात्रा के छठवें दल सहित निजी टूर आपरेटरों द्वारा संचालित यात्रा के यात्री शामिल हैं।
इसके अलावा स्थानीय लोग भी फंसे हैं। गर्बाधार के पास आए मलबे के चलते मार्ग के तत्काल खुलने के आसार नहीं हैं। रविवार को धारचूला से लगभग पाँच दजऱ्न आदि कैलास यात्रियों सहित स्थानीय लोग उच्च हिमालय को रवाना हुए थे, परंतु गर्बाधार से उन्हें वापस लौटना पड़ा, जबकि उच्च हिमालय गए यात्री गुंजी, बूंदी में फंसे हैं।




























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