मुंबई। महाराष्ट्र के पात्रा चॉल घोटाले में आरोपी शिवसेना सांसद संजय राउत को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को साढ़े छह घंटे की पूछताछ के बाद ईडी की ओर से यह एक्शन लिया गया। राउत रविवार को शाम 5.30 बजे ईडी दफ्तर पहुंचे थे।
सूत्रों के मुताबिक राउत के घर से 11.5 लाख कैश मिले हैं। इस कैश का राउत हिसाब नहीं दे पाए, जिसके बाद ईडी ने उसे ज़ब्त कर लिया।
राउत के खिलाफ मुंबई के वकोला पुलिस स्टेशन में कथित ऑडियो मामले में FIR दर्ज हुई। यह स्नढ्ढक्र पात्रा चॉल केस में गवाह स्वप्ना पाटेकर ने कराई है। ऑडियो में आपत्तिजनक शब्दों का उपयोग किया गया था।
आरोप है कि रियल एस्टेट कारोबारी प्रवीण राउत ने पात्रा चॉल में रह रहे लोगों से धोखा किया। एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को इस भूखंड पर 3000 फ्लैट बनाने का काम मिला था। इनमें से 672 फ्लैट पहले से यहां रहने वालों को देने थे, लेकिन साल 2011 में इस विशाल भूखंड के कुछ हिस्सों को दूसरे बिल्डरों को बेच दिया गया था।
मामला कैसे हुआ उजागर?
2020 में महाराष्ट्र में सामने आए क्करूष्ट बैंक घोटाले की जांच हो रही थी, तभी प्रवीण राउत की कंस्ट्रक्शन कंपनी का नाम सामने आया था, तब पता चला कि बिल्डर की पत्नी के बैंक खाते से संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत को 55 लाख रुपए का कजऱ् दिया गया था। आरोप है कि संजय राउत ने इसी पैसों से दादर में एक फ्लैट खरीदा था।




























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