संकल्प शक्ति। तुर्किए और सीरिया में गत सोमवार, दिनांक 06 $फरवरी को आए विनाशकारी भूकंप से तुर्किए और सीरिया में हाहाकार मच गया, चारोंओर मौत का तांडव, हाहाकार, करुणक्रंदन, चीत्कार और ऐसे समय में मानवता का परिचय देते हुए भारत ने तुरंत तुर्किए और सीरिया को मदद भेजकर ऑपरेशन दोस्त चलाया। बीसएसएफ के भारतीय जवानों ने जहाँ मलवे के नीचे दबे हज़ारों जिन्दगियों को बचाने का कार्य किया, वहीं भारत की मेडिकल टीम ने घायलों के उपचार में दिन-रात लगी रही। भारत ही वह पहला देश था, जिसने सबसे पहले मदद भेजी। जबकि ये दोनों देश आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त भारतविरोधी देश पाकिस्तान का समर्थन करते थकते नहीं थे।
भारत के द्वारा भूकंप पीडि़त देशों तुर्किए और सीरिया में चलाए गए ‘आपरेशन दोस्त अभियान की पूरे दुनिया में सराहना की जा रही है।
तुर्किए का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें हाहाकारी भूकंप के बाद पहाड़ी क्षेत्रों, सड़कों और खेतों में लंबी दरारें दिखाई दे रही हैं। इतना ही नहीं बताया जाता है कि इस भूकंप से हज़ारों की संख्या में भवन और घर धराशाई हो गए हैं तथा तुर्किए पाँच-छह मीटर तक खिसक गया है।
एक जानकारी के अनुसार, तुर्किए और सीरिया में मरने वालों का आंकड़ा 40 हज़ार के पार पहुँच गया है, जबकि 90 हज़ार से अधिक लोग घायल हैं।
राहत सामग्री लेकर पहुँचा 7वाँ भारतीय विमान
ऑपरेशन दोस्त के तहत दिनांक 12 $फरवरी को 7वाँ भारतीय विमान राहत सामग्री लेकर भूकंप प्रभावित तुर्किए व सीरिया पहुँच गया है, यह जानकारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची के द्वारा दी गई। इससे पहले विदेश मंत्रालय ने बताया था कि विमान में 35 टन से अधिक राहत सामग्री है, जिसमें 23 टन से अधिक सीरिया के लिए और $करीब 12 टन राहत सामग्री तुर्किए के लिए है।





























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