नई दिल्ली। जबरन धर्म परिवर्तन के ख़्िाला$फ $कानून बनाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे को गंभीर बताया। कोर्ट ने कहा कि इसे राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए। याचिका पर अगली सुनवाई अब 07 फरवरी को होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अश्विनी कुमार उपाध्याय की याचिका पर सुनवाई की। इसमें फर्जी धर्मांतरण को नियंत्रित करने के लिए केंद्र और राज्यों को कड़े कदम उठाने का निर्देश देने की मांग की गई है। यह भी कहा गया है कि जबरन धर्मांतरण राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़्ातरा पैदा कर सकता है और नागरिकों की धार्मिक स्वतंत्रता पर अतिक्रमण कर सकता है।
इस याचिका में मांग की गई थी कि धर्म परिवर्तनों के ऐसे मामलों को रोकने के लिए अलग से $कानून बनाया जाए या फिर इस अपराध को भारतीय दंड संहिता में शामिल किया जाए। याचिका में यह भी कहा गया है कि यह मुद्दा किसी एक जगह से जुड़ा नहीं है, बल्कि पूरे देश की समस्या है, जिसपर तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत है।




























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