ओडिशा की चिल्का, खारे पानी की बड़ी झील है। इसे भारत का सबसे बड़ा लगून माना जाता है। इसमें महानदी की भार्गवी, दया, कुसुमी, सालिया, कुशभद्रा जैसी धाराएं मिलती हैं। यहां जैव विविधता का उत्कृष्ट नमूना देखा जा सकता है। यहां की अनुकूल जलवायु परिंदों को आकर्षित करती है। परिंदों की लगभग 158 प्रजातियां यहां देखी जा सकती हैं। इनमें 95 प्रवासी पक्षी हैं, जो हजारों मील दूर साइबेरिया, बेकाल, मंचूरिया आदि से आकर यहां डेरा डालते हैं। बतख, नन्हे स्टिनर, सेंडरलिंग, क्रेन, गोल्डन प्लोवर, फ्लेमिंगो, स्टॉर्क गल्स, सैड पाइपर्स और ग्रे पेलिकन यहां पाए जाने वाले प्रमुख पक्षी हैं। यहां जगह-जगह पक्षियों के झुंड ऐसे दिखते हैं, जैसे उनकी अलग-अलग कॉलोनियां बसी हों। इसीलिए इसे बर्ड वॉचर्स का स्वर्ग कहा जाता है। अफ्रीका की विक्टोरिया झील के बाद यह दूसरी झील है, जहां पक्षियों का इतना बड़ा जमघट लगता है।





























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