महिलाएं जिन क्रीम, शैंपू और लोशन को शरीर पर लगा रहीं हैं, उनमें से कई में ऐसे केमिकल मिले हैं जिन्हें यूरोप और अमरीका ख़तरनाक बताकर वर्षों पहले प्रतिबंधित कर चुके हैं। भारत में न इन पर रोक है, न ही कड़ी निगरानी। यही लापरवाही महिलाओं की प्रजनन क्षमता से लेकर हार्मोनल सिस्टम तक पर ख़तरा बन रही है। बूटाइल फिनाइल मेथाइलप्रोपियोनल को लिलियल भी कहा जाता है। यह गोरा बनाने का दावा करने वाली क्रीम ग्लो एंड लवली सहित कई शैंपू, कंडीशनर, मॉइशचराइजर जैसे उत्पादों में फूलों की खुशबू देने के लिए मिलाया जा रहा है। यूरोप इसे 2022 में प्रतिबंधित कर चुका है, क्योंकि इससे महिलाएं बांझ हो सकती हैं। यूरोपीय संघ ने 1200 से अधिक केमिकल चिह्नित कर उपयोग पर रोक लगाई है। फिर भी भारत में सौंदर्य उत्पादों में बिना रोक उपयोग हो रहे केमिकल में लिलियल अकेला नहीं है।





























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