नई दिल्ली। लोकसभा ने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को ध्वनि मत से पारित कर दिया है। संसद के मानसून सत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामे के बीच यह महत्त्वपूर्ण विधेयक सदन से मंजूर हुआ। यह नया बिल साल 2024 में बने मूल कानून को और अधिक सख्त तथा प्रभावी बनाने के लिए लाया गया है।
कड़े प्रावधान
सजा और भारी जुर्माना: व्यक्तिगत रूप से गड़बड़ी करने या पेपर लीक में शामिल होने पर दोषी को 05 से 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक का जर्माना भुगतना होगा। संगठित पेपर लीक रैकेट या सिंडिकेट के मामलों में न्यूनतम 07 साल की जेल, जिसे 10 साल तक बढ़ाया जा सकता है और 10 करोड़ रुपये तक के भारी-भरकम जुर्माने का कानूनन प्रावधान किया गया है।
फास्ट-ट्रैक अदालतों का गठन: नए संशोधन के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट (विशेष सत्र न्यायालय) गठित करने का अधिकार दिया गया है, जहां प्रतिदिन (डे-टू-डे) सुनवाई होगी। समय-बद्ध जांच प्रक्रिया: मामलों की जांच को लटकाने से रोकने के लिए 02 महीने के भीतर जांच पूरी करने और चार्जशीट दाखिल होने के 03 महीने के भीतर ट्रायल (सुनवाई) पूरा करने का कड़ा लक्ष्य तय किया गया है।





























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