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पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम में उमड़ा प्रकृति प्रेम का प्रवाह

संकल्प शक्ति। पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम धाम में दिनांक 12 अगस्त 2026 को हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और प्राणवायु संवर्धन के लिए ‘एक व्यक्ति एक वृक्ष अभियान’ चलाया गया। सिद्धाश्रम के संस्थापक- ऋषिवर सद्गुरुदेव श्री शक्तिपुत्र जी महाराज और पूजनीया शक्तिमयी माता जी के पावन सान्निध्य में आश्रम के पीछे स्थित खेत में विभिन्न प्रजातियों के हज़ारों फलदार एवं औषधीय पौधों का रोपण किया गया। 

इस वृहद पौधारोपण अभियान में सिद्धाश्रमवासियों सहित भगवती मानव कल्याण संगठन के अनेक निष्ठावान कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर अपनी सहभागिता दर्ज़ कराई। 

कार्यक्रम का शुभारम्भ परम पूज्य गुरुवरश्री के द्वारा प्रथम पौधा रोपकर किया गया। तत्पश्चात् पूजनीया शक्तिमयी माता जी, शक्तिस्वरूपा बहन संध्या शुक्ला जी, सिद्धाश्रम चेतना अधीश जी, सिद्धाश्रमरत्न अजय अवस्थी जी, आशीष शुक्ला जी और संतोष मिश्रा ‘मौसा’ जी ने पौधों को भूमि में रोपकर जल से सिंचित किया। इसी तरह क्रमबद्ध रूप से सिद्धाश्रमवासी एवं संगठन के निष्ठावान कार्यकर्ता पौधों का रोपण करके अत्यन्त हर्षित रहे।

प्रकृति प्रेम के प्रति समर्पित इस भारतीय सांस्कृतिक पर्व पर ऋषिवर सद्गुरुदेव श्री शक्तिपुत्र जी महाराज ने चिंतन दिया कि ‘‘हरियाली अमावस्या का मानवजीवन में बहुत बड़ा महत्त्व है और यदि आप एक पौधा लगाकर उसके बड़ा होने तक संरक्षित कर लेते हैं, तो एक नहीं, बल्कि अनेक यज्ञों का फल प्राप्त होजाता है। वृक्ष केवल पर्यावरण को ही संतुलित नहीं करते, अपितु वे समग्र मानवजीवन के प्राणाधार हैं। प्रकृति को हरा-भरा बनाए रखना हर नागरिक का परम नैतिक और सामाजिक कर्तव्य है।’’ आपश्री ने आह्वान किया कि ‘‘वर्तमान में बढ़ रहे प्रदूषण और पर्यावरण असंतुलन को रोकने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को कम-से-कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसके पूर्ण विकसित होने तक उसकी ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए।’’

विभिन्न प्रजातियों के पौधों से महका सिद्धाश्रम

पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम लहलहा रहे विभिन्न प्रजातियों के पौधों से महक उठा है। हरियाली अमावस्या पर ‘एक व्यक्ति एक वृक्ष अभियान’ के अंतर्गत सिद्धाश्रम धाम की चैतन्य भूमि पर आम, आंवला, पीपल, बरगद, नीम,  जामुन, बेल सहित आयुर्वेद से जुड़े सैकड़ों दुर्लभ और उपयोगी पौधों का रोपण किया गया। आश्रम प्रबंधन द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि रोपे गए प्रत्येक पौधे की उचित देखरेख और सिंचाई की व्यवस्था हो, ताकि वे सुरक्षित रूप से विशाल वृक्ष का रूप ले सकें।’’

  महान संकल्प:  यह वृहद पौधारोपण अभियान केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि सिद्धाश्रमवासियों के द्वारा समाज में चेतना जगाने तथा धरती को पुन: हरा-भरा और खुशहाल बनाने की दिशा में एक निरंतर जारी रहने वाला महान संकल्प है।

mata ji paudharopan

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