नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की ओर से घोषित दस हज़ार रुपये मुआवजा, प्रशासन के द्वारा बनाए गए राहत शिविरों में आश्रय लेने वाले परिवारों को ही मिलेगा, जो बाढ़ पीडि़त इन राहत शिविरों में नहीं रह रहे हैं, उन्हें यह मुआवजा नहीं दिया जाएगा। उनके लिए पूर्व के नियम के अनुसार मुआवजे का भुगतान होगा। इस नियम से बड़ी संख्या में बाढ़ पीडि़तों को 10 हज़ार रुपए की मुआवजा राशि नहीं मिल पाएगी।
यमुना में उफान के बाद जि़ला प्रशासन की ओर से राजधानी में बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों से राहत शिविरों में जाने की अपील की जा रही थी। इसके लिए बसों का भी इंतजाम किया गया था। इसमें कुछ लोग तो गए, लेकिन बड़ी संख्या लोगों ने शिविरों में जाने से मना कर दिया था। अपने घर या झुग्गी की रखवाली के लिए उन्होंने आसपास ही तिरपाल आदि डालकर ठिकाना बना लिया था। कुछ इलाकों में लोग अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए थे। जिला प्रशासन का कहना है कि अब यदि कोई राहत शिविर में आएगा, तो उसका नाम बाढ़ पीडि़त सूची में दजऱ् नहीं किया जाएगा।
मुआवजा देने संबंधी दिशा निर्देश प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को भेज दिए गए हैं और उनसे कहा गया है कि वे राहत शिविरों में रह रहे बाढ़ प्रभावितों को मुआवजा देने के लिए औपचारिकताएं जल्द पूरी करवाएं।





























Views Today : 23
Views Last 7 days : 155
Views Last 30 days : 656
Views This Year : 9355
Total views : 109828
Who's Online : 0
Your IP Address : 216.73.216.151