नई दिल्ली। भारतीय फार्मास्यूटिकल फर्मों द्वारा निर्यात किए जाने वाले खांसी के सीरप के लिए विश्वस्तर पर उठाए जा रहे गुणवत्ता के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार अब विदेशों में दवा भेजे जाने से पहले सरकारी प्रयोगशालाओं में उसके परीक्षण के प्रस्ताव पर विचार कर रही है।
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ड्रग रेगुलेटरी अथार्टी, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने निर्यात से पहले सरकारी प्रयोगशालाओं में तैयार दवा उत्पादों का परीक्षण करने का प्रस्ताव दिया है। दुनिया में दवा हब के रूप में उभर रहे भारत की कफ सीरप को लेकर किरकिरी के मद्देनज़र सरकार का यह $कदम काफी अहम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि बीते वर्ष डब्ल्यूएचओ ने भी भारत में निर्मित सीरप में दो विषाक्त पदार्थ डायथिलीन ग्लाइकाल और एथिलीन ग्लाइकाल मिलने की पुष्टि की थी। इसे केंद्र ने गंभीरता से लिया है। प्रस्ताव के अनुसार, निर्यातकों को अधिकृत प्रयोगशालाओं के द्वारा जारी किए गए बैचों के परीक्षण का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। इसके बाद ही विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) निर्यात के लिए खेप जारी करने की मंज़ूरी देगा।





























Views Today : 20
Views Last 7 days : 167
Views Last 30 days : 644
Views This Year : 9325
Total views : 109798
Who's Online : 0
Your IP Address : 216.73.216.41