नई दिल्ली। विदेशमंत्री एस जयशंकर ने शनिवार, 28 जनवरी को कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि 1962 में चीन ने भारत की ज़मीन पर कब्जा किया था। विपक्ष यह बात क्यों नहीं बताता? वे ऐसे दिखाएंगे जैसे यह कल परसों हुआ है।
विदेशमंत्री ने कहा कि अगर मेरी सोच में कमी है, तो मैं अपनी फौज या इंटेलिजेंस से बात करूंगा। मैं चीनी एंबेसडर को बुलाकर अपनी खबर के लिए नहीं पूछता।
इससे पहले 03 जनवरी को एस जयशंकर ने कहा था कि चीन ने सीमा मुद्दों पर भारत के साथ समझौतों का पालन नहीं किया और इसीलिए दोनों पड़ोसियों के बीच तनावपूर्ण स्थिति है। उन्होंने बताया कि कैसे बीजिंग ने एकतरफा एलएसी को बदलने की कोशिश की। हमारा नियंत्रण रेखा (एलएसी) में एकतरफा बदलाव नहीं करने का समझौता था, जो उन्होंने (चीन) एकतरफा करने की कोशिश की है।
अगर चीन यह भी कहता है कि भारत ने समझौतों का पालन नहीं किया तो क्या होगा? इस सवाल के जवाब में जयशंकर ने कहा कि बीजिंग के लिए यह कहना मुश्किल है, क्योंकि ‘रिकॉर्ड बहुत स्पष्ट हैÓ। उन्होंने कहा, ‘आज सैटेलाइट तस्वीरों में काफी पारदर्शिता है। यदि हम देखते हैं कि सबसे पहले सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना को किसने भेजा, तो मुझे लगता है कि रिकॉर्ड बहुत स्पष्ट है। इसलिए, चीन के लिए यह कहना बहुत मुश्किल है।




























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