चित्रकूट, सतना। धार्मिक नगरी चित्रकूट में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। मंदाकिनी और शरभंगा नदियों के विकराल रूप धारण करने से पूरी नगरी टापू में तब्दील हो गई है। शनिवार, दिनांक 29 अगस्त को सतना के गोरगी बांध के टूटने से बाढ़ का पानी बेहद तेजी से रिहाइशी इलाकों, बाजारों और मठ-मंदिरों में घुस गया।
प्रसिद्ध रामघाट समेत सभी प्रमुख घाट पानी में समा चुके हैं। घाट किनारे स्थित करीब 400 से अधिक दुकानें और मंदिर पूरी तरह डूब चुके हैं। नयागांव किले के पास मंदाकिनी नदी पर बना सबसे बड़ा 300 मीटर लंबा पुल ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इसके अलावा कर्वी को जोड़ने वाले मंदाकिनी पुल की एप्रोच रोड बह जाने से झांसी-प्रयागराज नेशनल हाईवे पर भारी वाहनों का आवागमन ठप है। इतना ही नहीं, मझगवां और चितहरा के पास रेलवे ट्रैक पर कई फीट पानी भर जाने से आनंद विहार-रीवा एक्सप्रेस सहित 24 पैसेंजर और 20 मालगाड़ियों का संचालन प्रभावित हुआ है।
युद्ध स्तर पर रेस्क्यू: सेना के हेलीकॉप्टर बाढ़ में फंसे श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को बचाने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी और एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की 8 से अधिक टीमों के साथ-साथ सेना के दो हेलीकॉप्टरों की मदद से छतों और ऊंचे स्थानों पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला गया। चित्रकूट की मुख्य सड़कों और गलियों में कई फीट पानी होने के कारण नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया।




























Views Today : 10
Views Last 7 days : 158
Views Last 30 days : 648
Views This Year : 9290
Total views : 109763
Who's Online : 0
Your IP Address : 162.251.85.8