लखनऊ। उत्तरप्रदेश सरकार ने राज्य के बुजुर्गों और वरिष्ठ नागरिकों के हक में एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब अपने माता-पिता की देखभाल न करने वाले, उनके साथ दुर्व्यवहार या अत्याचार करने वाले बच्चों को पैतृक व स्व-अर्जित संपत्ति से बेदखल होना पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस महत्त्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
30 दिनों के भीतर होगा फैसला: बुजुर्गों को न्याय के लिए कोर्ट-कचहरी के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए सरकार ने समय-सीमा तय की है। एसडीएम की अध्यक्षता वाले ट्रिब्यूनल या जिला मजिस्ट्रेट के पास इसकी शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। शिकायत मिलने के मात्र 30 दिनों के भीतर मामले की सुनवाई कर फैसला सुनाया जाएगा।




























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