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सनातन का अनूठा उत्सव, भगवान् जगन्नाथ की रथयात्रा

सनातन परंपरा में उड़ीसा के पुरी में आयोजित होने वाली भगवान् जगन्नाथ (जगदीश) की रथयात्रा विश्व का सबसे बड़ा और अनूठा रथ उत्सव है। इस वर्ष यह ऐतिहासिक और पावन रथयात्रा 16 जुलाई 2026, दिन-गुरुवार को प्रारंभ होने जा रही है। यह एक ऐसा दिव्य अवसर होता है जब गर्भगृह में विराजमान ‘ब्रह्मांड के स्वामी’ स्वयं चलकर अपने भक्तों के बीच नगर भ्रमण पर आते हैं। इस उत्सव का न केवल गहरा धार्मिक महत्त्व है, बल्कि यह सामाजिक समरसता (एकता) का भी सबसे बड़ा उदाहरण है। माना जाता है कि जो भी व्यक्ति श्रद्धापूर्वक इस रथ की रस्सी को छू या खींच लेता है, उसे जीवन-मरण के चक्र से मुक्ति (मोक्ष) मिल जाती है। यह रथयात्रा मुख्य मंदिर से शुरू होकर करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित भगवान की मौसी के घर यानी गुंडीचा मंदिर पहुंचती है। यहाँ भगवान 09 दिनों तक विश्राम करते हैं और फिर ‘बहुदा यात्रा’ (वापसी यात्रा) के ज़रिए अपने मुख्य मंदिर लौटते हैं।

वैश्विक सनातन एकता का प्रतीक 

आज भगवान जगन्नाथ की यह रथयात्रा केवल पुरी या भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से यह दुनिया के 60 से अधिक देशों (जैसे अमेरिका, लंदन, रूस) में बेहद धूमधाम से मनाई जाती है। जाति, धर्म और देश की सीमाओं को तोड़कर जब लाखों लोग एक ही रस्सी को थामकर ‘जय जगन्नाथ’ का जयघोष करते हैं, तो वह दृश्य संपूर्ण विश्व को शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है।     

शहडोल में भव्य रथयात्रा

मध्यप्रदेश के शहडोल शहर में स्थित ऐतिहासिक श्री मोहनराम मंदिर से हर वर्ष भगवान् जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली जाती है, जो पूरे संभाग में आस्था और सामाजिक समरसता का एक बड़ा केंद्र है। 16 जुलाई को देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ शहडोल नगर के हृदय स्थल में स्थित प्राचीन श्री मोहनराम मंदिर से भगवान् जगदीश (जगन्नाथ), भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा की भव्य रथयात्रा पूरी धार्मिक भव्यता के साथ निकाली जाएगी। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी इस रथयात्रा को लेकर नगरवासियों और ग्रामीण अंचलों से आने वाले श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। श्री मोहनराम मंदिर की यह रथयात्रा वर्षों से शहडोल की सांस्कृतिक पहचान और आपसी भाईचारे का अनूठा प्रतीक रही है।  मान्यता है कि शहडोल में रथ की रस्सी खींचने मात्र से पुरी की यात्रा जैसा पुण्य फल मिलता है। इस अवसर पर प्रशासन और पुलिस बल द्वारा यातायात और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाते हैं।

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