दमोह। जिले के कई शहरी और ग्रामीण इलाकों में गहराते जल संकट को देखते हुए दमोह जिला प्रशासन ने गुरुवार, दिनांक 18 जून को एक बड़ा और कड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। कलेक्टर और जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी नए आदेश के तहत जिले के सभी प्रमुख जल स्रोतों, सार्वजनिक कुओं और बोरवेलों के पास निजी वाटर टैंकरों द्वारा व्यावसायिक लाभ के लिए पानी खींचने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह कदम आम नागरिकों को सुचारू रूप से पीने का पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई निजी संचालक सार्वजनिक या प्रतिबंधित जल स्रोतों से व्यावसायिक रूप से पानी का दोहन करता पाया गया, तो उसका टैंकर तुरंत जब्त कर लिया जाएगा और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई (एफआईआर) की जाएगी।
कंट्रोल रूम की स्थापना: ग्रामीण क्षेत्रों में टैंकरों के जरिए की जा रही पेयजल आपूर्ति की निगरानी के लिए जिला मुख्यालय पर एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। पीएचई विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि जिन गांवों में भूजल स्तर अत्यधिक नीचे चला गया है, वहां प्राथमिकता के आधार पर सरकारी टैंकरों से दिन में दो बार नि:शुल्क पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जाए।




























Views Today : 35
Views Last 7 days : 210
Views Last 30 days : 682
Views This Year : 9243
Total views : 109716
Who's Online : 0
Your IP Address : 162.251.85.8