नई दिल्ली। भारत अब नेशनल हाइवेज को हाईवे की पारंपरिक परिभाषा से बाहर निकालकर एक रियल टाइम डिजिटल ग्रिड में बदलने जा रहा है। सरकार ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में देश की सड़कें सिर्फ यात्रा का माध्यम नहीं रहेंगी, बल्कि ये देश की सबसे बड़ी और रियल टाइम डेटा फीड देने वाली डिजिटल नेटवर्क लाइन होंगी। इस ग्रिड पर हर गाड़ी, हर घटना, हर स्पीड और हर टोल ट्रांजैक्शन का रियल टाइम रिकॉर्ड रखा जाएगा।
इसी दिशा में सड़क परिवहन मंत्रालय देश के सभी फोर लेन और उससे ऊपर के हाइवेज पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम यानी अळटर लगाने जा रहा है। अभी तक ये सिस्टम दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल और ट्रांस हरियाणा जैसे हाई ट्रैफिक रूट पर चलता है, लेकिन पहली बार इसे पूरे नेशनल हाइवे नेटवर्क में फैलाया जाएगा। इसका मतलब यह है कि भारत के हाईवे पर अब इंसिडेंट रिपोर्टिंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट इंसान पर नहीं, पूरी तरह टेक्नोलॉजी पर निर्भर होगा।




























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