<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>guru purnima &#8211; संकल्प शक्ति</title>
	<atom:link href="https://sankalpshakti.in/tag/guru-purnima/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://sankalpshakti.in</link>
	<description>राष्ट्रीय साप्ताहिक समाचार पत्र</description>
	<lastBuildDate>Fri, 31 Jul 2026 14:27:56 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.1.1</generator>

<image>
	<url>https://sankalpshakti.in/wp-content/uploads/2022/05/cropped-01-32x32.jpg</url>
	<title>guru purnima &#8211; संकल्प शक्ति</title>
	<link>https://sankalpshakti.in</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम में हर्ष और उल्लास से मनाया गया गुरुपूर्णिमा पर्व</title>
		<link>https://sankalpshakti.in/%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%b6%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5-%e0%a4%b8%e0%a4%bf-6/</link>
					<comments>https://sankalpshakti.in/%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%b6%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5-%e0%a4%b8%e0%a4%bf-6/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[संकल्प शक्ति]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 31 Jul 2026 14:27:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[dharm adhyatm]]></category>
		<category><![CDATA[festival]]></category>
		<category><![CDATA[guru dhyan]]></category>
		<category><![CDATA[guru ji photo]]></category>
		<category><![CDATA[guru puja]]></category>
		<category><![CDATA[guru purnima]]></category>
		<category><![CDATA[hindi news]]></category>
		<category><![CDATA[hindu parv]]></category>
		<category><![CDATA[indian festival]]></category>
		<category><![CDATA[janjagran]]></category>
		<category><![CDATA[news]]></category>
		<category><![CDATA[sadguru]]></category>
		<category><![CDATA[sanatan dharm]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://sankalpshakti.in/?p=12973</guid>

					<description><![CDATA[<p>संकल्प शक्ति।&#160;अपने शिष्यों को सदैव कर्मक्षेत्र में बढ़ाने वाले; भक्ति, ज्ञान और आत्मशक्ति के पथ पर बढ़ने की प्रेरणा देने वाले सच्चिदानंंदस्वरूप ऋषिवर सद्गुरुदेव परमहंस योगीराज श्री शक्तिपुत्र जी महाराज को गुरुपूर्णिमा महापर्व पर कोटिश: प्रणाम। ऋषिवर सदैव कहते हैं कि ‘‘परमसत्ता से कुछ मांगो, तो केवल भक्ति, ज्ञान और आत्मशक्ति मांगो, क्योंकि इनमें सबकुछ [&#8230;]</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://sankalpshakti.in/%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%b6%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5-%e0%a4%b8%e0%a4%bf-6/">पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम में हर्ष और उल्लास से मनाया गया गुरुपूर्णिमा पर्व</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://sankalpshakti.in">संकल्प शक्ति</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>संकल्प शक्ति।</strong>&nbsp;अपने शिष्यों को सदैव कर्मक्षेत्र में बढ़ाने वाले; भक्ति, ज्ञान और आत्मशक्ति के पथ पर बढ़ने की प्रेरणा देने वाले सच्चिदानंंदस्वरूप ऋषिवर सद्गुरुदेव परमहंस योगीराज श्री शक्तिपुत्र जी महाराज को गुरुपूर्णिमा महापर्व पर कोटिश: प्रणाम। ऋषिवर सदैव कहते हैं कि ‘‘परमसत्ता से कुछ मांगो, तो केवल भक्ति, ज्ञान और आत्मशक्ति मांगो, क्योंकि इनमें सबकुछ समाहित है।’’</p>



<p class="wp-block-paragraph">आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला गुरुपूर्णिमा महोत्सव केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अपने गुरु के प्रति; शिष्य के आत्मसमर्पण, श्रद्धा और साधना का पावन प्रतीक है। इस वर्ष भी हमारे देश में इस पर्व की धूम रही। विशेषकर, मध्यप्रदेश के शहडोल ज़िले में स्थित पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम धाम में इसे महापर्व के रूप में मनाया गया।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">29 जुलाई 2026 का यह पावन दिवस, पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम में ऋषिवर के शिष्यों व भक्तों का प्रवाह उमड़ पड़ा&nbsp; था। अतुलित श्रद्धाभाव में निमग्न, सिद्धाश्रम पहुँचे सभी शिष्यों-भक्तों ने परम पूज्य गुरुवरश्री की चरणपादुकाओं को स्पर्श करके जीवन को कृतार्थ किया।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">हमारी भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोपरि है और सनातन परंपरा में गुरु को साक्षात् परब्रह्म माना गया है। ‘गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु: गुरुर्देवो महेश्वर:’ यह श्लोक इसी सत्य को प्रतिपादित करता है। एक आध्यात्मिक गुरु अपने शिष्यों के भीतर से अज्ञानतारूपी अंधकार को नष्ट करके ज्ञान का दीप प्रज्ज्वलित करते हैं। समाज के निर्माण में भी सद्गुरुओं की भूमिका चिरकाल से अप्रतिम रही है। एक सुदृढ़, नैतिक और चरित्रवान् समाज का निर्माण सद्गुरु के मार्गदर्शन के बिना असंभव है और जब-जब समाज दिशाहीन हुआ है, गुरुसत्ता ने आगे आकर समाज को सही मार्ग दिखाया है।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>जहाँ से त्रिधाराएं&nbsp; प्रवाहित हैं</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">जहाँ से धर्मरक्षा, राष्ट्ररक्षा और मानवता के कल्याण की त्रिधाराएं प्रवाहित हैं, उसी पावन धाम ‘पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम’ में पूर्व के वर्षों की भांति इस वर्ष भी गुरुपूर्णिमा का पर्व अद्वितीय आध्यात्मिक भव्यता और अनुशासन के साथ मनाया गया। देश-देशान्तर से आए हज़ारों गुरुभाई-बहनों, ‘माँ’ के भक्तों, श्रद्धालुओं ने इस अलौकिक उत्सव में शामिल होकर अपने जीवन में संस्कारों का एक और क्रम जोड़ा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">गुरुपूर्णिमा की प्रात:कालीन बेला में परम पूज्य सद्Þगुरुदेव जी महाराज नित्यप्रति की तरह श्री दुगार्चालीसा अखण्ड पाठ मंदिर में पहुंचे और माता भगवती आदिशक्ति जगत् जननी जगदम्बा व सहायक शक्तियों की दिव्य आरती करने के बाद कुछ समय के लिए ध्यानमग्न हो गए। इस दौरान चालीसा पाठ मंदिर में शालीनतापूर्वक पंक्तिबद्ध बैठे हुये हज़ारों भक्त ‘माँ’ का गुणगान करते रहे। आरती व ध्यान का क्रम पूर्ण करने के बाद आपश्री ने मूलध्वज साधना मंदिर में जाकर वहाँ नवीन शक्तिध्वज के रोहण के साथ ही मातेश्वरी की पूजा-अर्चना की और जनकल्याण की कामना को लेकर मंदिर के मुख्य घंटे पर चुनरी बांधी। इस अवसर पर पूजनीया शक्तिमयी माता जी, शक्तिस्वरूपा बहनों व सिद्धाश्रम चेतनाओं की भी पावन उपस्थिति रही।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>गुरुवरश्री का&nbsp; चरण पूजन</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">मूलध्वज साधना मंदिर में दिव्यक्रम सम्पन्न होने के बाद प्रणामभवन में शक्तिस्वरूपा बहनों ने परम पूज्य गुरुवर के श्रीचरणों का पूजन किया और सभी शिष्य पंक्तिबद्ध होकर गुरुवरश्री की चरणपादुकाओं का स्पर्श करके आनन्दित रहे। प्रात:कालीन बेला की तरह सायंकालीन बेला में भी माता जगदम्बे की दिव्य आरती व गुरुचरणपादुकाओं को स्पर्श करने का क्रम पूर्ण किया गया।&nbsp;&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>सभी ने ग्रहण किया महाप्रसाद</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">गुरुपूर्णिमा के इस महोत्सव में नित्यप्रति की तरह अन्नपूर्णा भण्डारे का अनवरत संचालन किया गया, जहां हज़ारों लोगों ने पूड़ी-सब्जी, दाल-चावल के रूप में भोजन प्रसाद सानन्द ग्रहण किया।&nbsp; &nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>गुरुपूर्णिमा महोत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान मात्र नहीं</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">आज के इस भौतिकवादी समय में, जहाँ मानवीयमूल्यों का निरंतर ह्रास हो रहा है, गुरुपूर्णिमा जैसे पर्व समाज को आत्मिक शांति और सही दिशा दिखाने का कार्य करते हैं। पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम धाम में यह गुरुपूर्णिमा पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान मात्र नहीं, बल्कि यह बदलते भारत में आत्मोत्थान, समाजसुधार और आध्यात्मिक पुनर्जागरण का जीवंत प्रतीक है। परम पूज्य सद्गुरुदेव योगीराज श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के श्रीचरणों में समर्पित शिष्यों-भक्तों का प्रवाह, यह प्रमाणित करता है कि यदि अध्यात्म को मानवता की सेवा, धर्मरक्षा और राष्ट्ररक्षा जैसे मानवीय कर्त्तव्यों से जोड़ दिया जाए, तो कलिकाल के अंधकार को मिटाकर एक आदर्श और शांतिपूर्ण समाज की स्थापना निश्चित रूप से की जा सकती है।</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://sankalpshakti.in/%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%b6%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5-%e0%a4%b8%e0%a4%bf-6/">पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम में हर्ष और उल्लास से मनाया गया गुरुपूर्णिमा पर्व</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://sankalpshakti.in">संकल्प शक्ति</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://sankalpshakti.in/%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%b6%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5-%e0%a4%b8%e0%a4%bf-6/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अज्ञानान्धकार को दूर करने का पावन पर्व है गुरुपूर्णिमा</title>
		<link>https://sankalpshakti.in/%e0%a4%85%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a8/</link>
					<comments>https://sankalpshakti.in/%e0%a4%85%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a8/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[संकल्प शक्ति]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 09 Jul 2025 04:25:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[adhyatm]]></category>
		<category><![CDATA[dharm]]></category>
		<category><![CDATA[guru ji]]></category>
		<category><![CDATA[guru purnima]]></category>
		<category><![CDATA[hindu]]></category>
		<category><![CDATA[sadguru divas]]></category>
		<category><![CDATA[sanatan]]></category>
		<category><![CDATA[savan]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://sankalpshakti.in/?p=10503</guid>

					<description><![CDATA[<p>संकल्प शक्ति। हर साल की तरह इस साल भी अध्यात्मिकस्थली पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम में ऋषिवर सद्गुरुदेव श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के शिष्यों के द्वारा उल्लास-उमंग से गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया जायेगा। हज़ारों की संख्या में सिद्धाश्रम पहुँचे परम पूज्य  गुरुवरश्री के शिष्य, प्रात:काल एवं सायंकाल मूलध्वज साधना मंदिर और श्री दुर्गाचालीसा अखण्ड पाठ मंदिर में [&#8230;]</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://sankalpshakti.in/%e0%a4%85%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a8/">अज्ञानान्धकार को दूर करने का पावन पर्व है गुरुपूर्णिमा</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://sankalpshakti.in">संकल्प शक्ति</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">संकल्प शक्ति। हर साल की तरह इस साल भी अध्यात्मिकस्थली पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम में ऋषिवर सद्गुरुदेव श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के शिष्यों के द्वारा उल्लास-उमंग से गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया जायेगा। हज़ारों की संख्या में सिद्धाश्रम पहुँचे परम पूज्य  गुरुवरश्री के शिष्य, प्रात:काल एवं सायंकाल मूलध्वज साधना मंदिर और श्री दुर्गाचालीसा अखण्ड पाठ मंदिर में सम्पन्न होने वाली आरतीक्रम में सम्मिलित होंगे। तत्पश्चात्  अपने आराध्य सद्गुुरुदेव जी महाराज के श्री चरणों पर नतमस्तक होकर अपने जीवन को कृतार्थ करेंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">हमारे सनातन संस्कृति में आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। कहते हैं कि&nbsp; गुरु की कृपा हो जाए, तो इष्ट से साक्षात्कार हो सकता है।&nbsp; गुरु पूर्णिमा सद्गुरु को समर्पित परम्परा है। इस दिन गुरुपूजन का विधान है। शिष्यगण अपने गुरु&nbsp; के श्रीचरणों पर नतमस्तक होकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं या उनके चरण पादुकाओं का पूजन करते हैं और इससे साधकों को भक्ति, ज्ञान और आत्मशक्ति प्राप्त करने की शक्ति मिलती है। शास्त्रों में गु का अर्थ बताया गया है- अंधकार या मूल अज्ञान और रु का का अर्थ बताया गया है- उसका निरोधक। गुरु को गुरु इसलिए कहा जाता है कि वह शिष्यों के अज्ञानान्धकार को दूर करते हैं अर्थात् अंधकार को हटाकर प्रकाश की ओर ले जाते हैं।&nbsp; यह दिन आदिगुरु महर्षि वेद व्यास जी के जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। इस वर्ष गुरुपूर्णिमा पर्व दिनांक 10 जुलाई, दिन-गुरुवार को है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>जो आत्मज्ञानी हैं, वे ही सद्गुरु हैं</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">अज्ञानान्धकार को मिटाकर अपने शिष्यों के अन्त:करण में जो ज्ञान का प्रकाश भर दे, वहीं सद्गुरु है और वर्तमान समय में इस भूतल पर ऐसे सद्गुरु एक ही हैं और वे हैं- ऋषिवर श्री शक्तिपुत्र जी महाराज, जिनका इस पावनभूमि में मानवता के कल्याण के लिए, शिष्यों-भक्तों के हृदय से अज्ञानान्धकार हटाकर अन्तर्ज्योति प्रकाशित करने के लिए अवतरण हुआ है। केवल धर्मग्रन्थों को रट लेने वाले व बीजमन्त्र प्रदाताओं को हम श्रेष्ठ गुरु नहीं कह सकते। श्रेष्ठ गुरु वे ही हो सकते हैं, जिनकी कुण्डलिनी चेतना जाग्रत् हो, जो आत्मज्ञानी हो। इसीलिए कहा गया है कि पानी पियो छान के और गुरु बनाओ जान के।&nbsp;</p>
<p>The post <a rel="nofollow" href="https://sankalpshakti.in/%e0%a4%85%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a8/">अज्ञानान्धकार को दूर करने का पावन पर्व है गुरुपूर्णिमा</a> appeared first on <a rel="nofollow" href="https://sankalpshakti.in">संकल्प शक्ति</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://sankalpshakti.in/%e0%a4%85%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a8/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
